‘शंकराचार्य शंकर के रूप, CM योगी मांफी मांगे’: माघ मेला विवाद में कूदे अजय राय
‘शंकराचार्य शंकर के रूप, CM योगी मांफी मांगे’: माघ मेला विवाद में कूदे अजय राय
प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शंकराचार्य को “शंकर के रूप” बताते हुए कहा कि CM योगी को दंडवत माफी मांगनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
अजय राय का मुख्य बयान (25 जनवरी 2026):
अजय राय माघ मेला क्षेत्र पहुंचे और शंकराचार्य के शिविर में जाकर उनका समर्थन किया।
उन्होंने कहा: “शंकराचार्य जी शंकर के रूप हैं। मुख्यमंत्री योगी जी को उनसे दंडवत माफी मांगनी चाहिए।”
राय ने आरोप लगाया कि योगी सरकार शंकराचार्य को अपमानित और प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने मेला प्रशासन द्वारा दिए गए नोटिस और पालकी स्नान पर रोक को सनातन परंपरा का अपमान बताया।
राय ने दावा किया कि देश का हर सनातनी और हिंदू आज शंकराचार्य के साथ खड़ा है। उन्होंने मणिकर्णिका घाट विवाद को भी जोड़ते हुए कहा कि गंगा और सनातन धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य पहले भी खड़े रहे थे।
उन्होंने योगी सरकार पर सनातन धर्म की परंपरा तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि यह भयंकर युद्ध का आमंत्रण जैसा है।
विवाद का संक्षिप्त बैकग्राउंड:
मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य पालकी से गंगा स्नान के लिए जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने रोका (VIP स्नान प्रतिबंधित होने का दावा)।
इससे नाराज होकर वे धरने पर बैठ गए, अन्न-जल त्याग दिया।
मेला प्रशासन ने नोटिस जारी किया, शंकराचार्य पद के प्रमाण पर सवाल उठाए।
CM योगी ने इसे “सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश” बताया और “कालनेमि” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे विवाद और भड़क गया।
अन्य संतों में भी मतभेद: कुछ शंकराचार्य का समर्थन कर रहे हैं, कुछ प्रशासन के पक्ष में।
अब विपक्ष (कांग्रेस, सपा) ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया है। अखिलेश यादव ने भी शंकराचार्य से फोन पर बात की।
यह विवाद अब सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सियासी हो चुका है। अजय राय के बयान से यूपी की सियासत में नया तापमान बढ़ गया है, खासकर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले। क्या योगी सरकार माफी मांगेगी या जवाब देगी? स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
