छत्तीसगढ़ में रातों-रात गायब हुआ 40 साल पुराना लोहे का पुल: 10 टन वजन चुराकर कबाड़ में बेच दिया, 5 गिरफ्तार; 10 फरार
छत्तीसगढ़ में रातों-रात गायब हुआ 40 साल पुराना लोहे का पुल: 10 टन वजन चुराकर कबाड़ में बेच दिया, 5 गिरफ्तार; 10 फरार
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां हसदेव नहर पर बना करीब 40 साल पुराना लोहे का पुल रातों-रात चोरी हो गया। पुल की लंबाई 70 फीट (कुछ रिपोर्ट्स में 60-80 फीट), वजन 10 टन के आसपास था। चोरों ने गैस कटर से रात भर काटकर पूरा पुल के पार्ट्स कबाड़ में बेच दिए। पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुल 15 लोगों की संलिप्तता बताई जा रही है – बाकी 10 फरार हैं।
क्या हुआ था?
घटना ढोढ़ीपारा इलाके में हुई, जहां यह पुल नहर पर बना था और स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का मुख्य साधन था।
चोरों ने रात में गैस कटर और अन्य टूल्स का इस्तेमाल कर पुल को पूरी तरह काट डाला। सुबह लोगों को देखा तो पुल का नामोनिशान नहीं बचा – सिर्फ सपोर्टिंग स्ट्रक्चर बाकी थे।
चोरी का मकसद: लोहे को कबाड़ में बेचकर मोटा मुनाफा कमाना। पुलिस का अनुमान है कि इससे चोरों को लाखों रुपये मिले होंगे।
मुख्य आरोपी में एक कबाड़ी मुकेश साहू उर्फ ‘बरबट्टी’ शामिल है, जो फरार है।
गिरफ्तार आरोपी
लोचन केवट (20)
जयसिंह राजपूत (23)
मोती प्रजापति (27)
सुमित साहू (19)
केशवपुरी गोस्वामी (22)
ये सभी युवा हैं और पुलिस जांच में कबूल कर चुके हैं कि उन्होंने मिलकर पुल काटा और पार्ट्स कबाड़ में बेचे।
पुलिस एक्शन
कोरबा पुलिस ने SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) बनाई है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी है, और कबाड़ी दुकानों पर छापेमारी हो रही है।
पुलिस यह भी जांच रही है कि चोरी का बाकी सामान कहां बेचा गया।
यह घटना 2022 में हुई एक इसी तरह की चोरी से मिलती-जुलती है, जहां भी पुल के पार्ट्स चुराए गए थे।
यह मामला ‘कबाड़ माफिया’ की साजिश को उजागर करता है, जहां सार्वजनिक संपत्ति को भी नहीं बख्शा जाता। स्थानीय लोग अब नहर पार करने के लिए परेशान हैं। पुलिस ने लोगों से जानकारी देने की अपील की है। क्या ऐसे और भी मामले होंगे? जांच जारी है!
