‘शंकराचार्य जी के चरणों में नतमस्तक, अपमान करने वालों की होगी जांच…’ अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर बोले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
‘शंकराचार्य जी के चरणों में नतमस्तक, अपमान करने वालों की होगी जांच…’ अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर बोले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
प्रयागराज माघ मेले में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और मेला प्रशासन के बीच चल रहे विवाद पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नरम रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को “पूज्य शंकराचार्य जी” कहकर संबोधित किया और कहा कि “हम शंकराचार्य जी के चरणों में नतमस्तक हैं। अपमान करने वालों की सख्त जांच होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
केशव मौर्य ने अविमुक्तेश्वरानंद से अपील की कि वे अपना विरोध समाप्त कर विधिवत स्नान करें और इस विषय को यहीं समाप्त कर दें। उन्होंने कहा, “भाजपा का संस्कार नहीं है कि किसी संत का अपमान किया जाए। हम संतों की आस्था और सम्मान को सर्वोपरि मानते हैं। जो भी अपराध हुआ है, उसकी जांच कराई जाएगी।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब विवाद पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है और देशभर के साधु-संत प्रदर्शन कर रहे हैं।
विवाद की जड़ मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के दौरान हुई घटना है, जहां मेला प्रशासन ने शंकराचार्य को पालकी/रथ पर जाने से रोका। इससे उनके शिष्यों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें मारपीट और बाल खींचने के आरोप लगे। शंकराचार्य ने धरना शुरू कर दिया और माफी की मांग की। मेला प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी कर ‘शंकराचार्य’ टाइटल के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया, क्योंकि उत्तराधिकार मामला कोर्ट में लंबित है।
केशव मौर्य का यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में “कालनेमि” का जिक्र किया था, जिसे कुछ लोग अविमुक्तेश्वरानंद से जोड़कर देख रहे थे। विपक्ष (सपा, कांग्रेस) ने इसे साधु-संतों का अपमान बताते हुए हमला बोला है, जबकि बीजेपी का कहना है कि यह प्रशासनिक व्यवस्था का मामला है।
विवाद अब धार्मिक से राजनीतिक रंग ले चुका है। बसंत पंचमी के स्नान से पहले स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। आगे की अपडेट्स के लिए बने रहें।
