संजय सिंह और पप्पू यादव पर मणिकर्णिका घाट की AI फर्जी फोटो शेयर करने का आरोप: 8 FIR दर्ज, 3 दिन में मांगा जवाब
संजय सिंह और पप्पू यादव पर मणिकर्णिका घाट की AI फर्जी फोटो शेयर करने का आरोप: 8 FIR दर्ज, 3 दिन में मांगा जवाब
वाराणसी, 18 जनवरी 2026: वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई गई कथित AI-जनरेटेड फर्जी तस्वीरों और भ्रामक वीडियो के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, कांग्रेस नेता पप्पू यादव (पप्पू यादव) और जसविंदर कौर समेत कुल 8 लोगों के खिलाफ 8 अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। चौक पुलिस स्टेशन में ये मुकदमे भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज किए गए हैं, जिसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, अफवाह फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप हैं।
क्या है मामला?
मणिकर्णिका घाट पर 15 नवंबर 2025 से तमिलनाडु की एक कंपनी द्वारा श्मशान सुविधाओं को बेहतर बनाने और सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है।
सोशल मीडिया (खासकर X पर) पर AI से बनी तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि घाट पर मंदिर तोड़े जा रहे हैं, अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त हुई है और विरासत नष्ट हो रही है।
कंपनी ने चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया कि ये सामग्री तथ्यों से परे है और भक्तों में भ्रम फैला रही है।
पुलिस जांच में पाया गया कि ये तस्वीरें और वीडियो AI से बनाए गए हैं और फैक्ट्स को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
FIR और कार्रवाई
कुल 8 FIR दर्ज की गईं, जिनमें संजय सिंह, पप्पू यादव और अन्य शामिल हैं।
पुलिस ने कुछ X हैंडल्स को भी आरोपी बनाया है।
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि जांच से पता चला कि ये कंटेंट सोशल मीडिया पर वायरल होकर जनता में भ्रम और आक्रोश पैदा कर रहा था।
आरोपियों को 3 दिन के अंदर जवाब पेश करने का नोटिस दिया गया है। जांच जारी है और जरूरी सबूत जुटाए जा रहे हैं।
आरोपियों की प्रतिक्रिया
संजय सिंह ने FIR पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र में मणिकर्णिका घाट को तहस-नहस किया गया है। मंदिरों को तोड़ने वाले पापियों पर कार्रवाई करो, मुझे डराने की कोशिश मत करो।” उन्होंने दावा किया कि पुनर्विकास के नाम पर घाट को नुकसान पहुंचाया गया है।
पप्पू यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी सरकार पर विरासत नष्ट करने का आरोप लगाया। विपक्षी दल (कांग्रेस, AAP) ने मांग की है कि काम तुरंत रोका जाए और धार्मिक नेताओं से सलाह ली जाए।
विवाद का बैकग्राउंड
मणिकर्णिका घाट हिंदुओं के लिए मोक्ष प्राप्ति का प्रमुख स्थल है। पुनर्विकास के तहत श्मशान सुविधाओं में सुधार और सौंदर्यीकरण हो रहा है, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि पुरानी संरचनाएं और मूर्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि काम संरक्षण और पुनर्स्थापना के तहत है, और कोई नुकसान नहीं हुआ। CM योगी आदित्यनाथ ने खुद घाट का निरीक्षण किया और काम की प्रगति देखी।
यह मामला AI से फैलाई गई अफवाहों और राजनीतिक विवाद का नया उदाहरण बन गया है। क्या FIR से मामला शांत होगा या और तेज होगा? कमेंट में बताएं।
