हैरान करने वाली रिपोर्ट! AI नौकरियां छीनेगी या देगी?
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की लेटेस्ट Future of Jobs Report 2025 ने AI के जॉब मार्केट पर असर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI और टेक्नोलॉजी से 2030 तक 170 मिलियन नए जॉब्स क्रिएट होंगे, जबकि 92 मिलियन जॉब्स डिस्प्लेस (खत्म या बदल) हो जाएंगे। नेट रिजल्ट? 78 मिलियन जॉब्स की बढ़ोतरी! मतलब कुल मिलाकर जॉब्स जाएंगी कम, बनेंगी ज्यादा।
रिपोर्ट 1,000 से ज्यादा ग्लोबल एम्प्लॉयर्स (14 मिलियन+ वर्कर्स को रिप्रेजेंट करने वाले) के सर्वे पर आधारित है, जो 22 इंडस्ट्रीज और 55 इकोनॉमीज को कवर करती है। मुख्य ड्राइवर्स: AI, ऑटोमेशन, ग्रीन ट्रांजिशन, डेमोग्राफिक चेंजेस और जियोइकोनॉमिक शिफ्ट्स।
प्रमुख पॉइंट्स:
जॉब क्रिएशन vs डिस्प्लेसमेंट: 2025-2030 के बीच टोटल जॉब डिसरप्शन 22% होगा। AI और इंफॉर्मेशन प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी सबसे ज्यादा प्रभाव डालेंगी – 11 मिलियन नए जॉब्स बनेंगे, 9 मिलियन प्रभावित होंगे (नेट पॉजिटिव)।
फास्टेस्ट ग्रोइंग जॉब्स: AI स्पेशलिस्ट्स, डेटा साइंटिस्ट्स, बिग डेटा एक्सपर्ट्स, साइबरसिक्योरिटी, रोबोटिक्स इंजीनियर्स, ग्रुपवर्क/केयर रोल्स (जैसे नर्स, टीचर्स), डिलीवरी ड्राइवर्स, फार्मवर्कर्स।
डिक्लाइनिंग जॉब्स: रूटीन टास्क वाले जैसे क्लर्क्स, एडमिन, कुछ मैन्युफैक्चरिंग रोल्स जहां ऑटोमेशन आ रहा है।
स्किल्स चेंज: 2030 तक 39% कोर स्किल्स बदल जाएंगी। टॉप स्किल्स: AI, बिग डेटा, साइबरसिक्योरिटी, टेक्नोलॉजिकल लिटरेसी, क्रिएटिव थिंकिंग, रेजिलिएंस, लीडरशिप।
एम्प्लॉयर्स की प्लानिंग: 85% कंपनियां अपस्किलिंग/रिस्किलिंग पर फोकस करेंगी, 77% AI ट्रेनिंग देंगी। 41% ऑर्गनाइजेशंस AI से प्रभावित रोल्स में वर्कफोर्स कम करेंगी, लेकिन 70% AI स्किल्स वाले लोगों को हायर करेंगी।
चैलेंज: एंट्री-लेवल जॉब्स घट रहे हैं, स्किल गैप बड़ा है। बिना अपस्किलिंग के कई लोग पीछे रह सकते हैं।
WEF की मैनेजिंग डायरेक्टर सादिया जहीदी कहती हैं: “AI जॉब मार्केट को ट्रांसफॉर्म कर रहा है, लेकिन यह इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन जैसा बड़ा चेंज है – जहां डिसरप्शन के साथ नए ऑपर्च्युनिटीज भी आती हैं।”
निष्कर्ष: AI से नौकरियां जाएंगी, लेकिन बनेंगी ज्यादा – बशर्ते लोग स्किल्स अपडेट करें। अगर तुम जॉब मार्केट में हो, तो AI, डेटा, टेक स्किल्स सीखना शुरू कर दो – रिपोर्ट कहती है यही फ्यूचर है!
