दावोस छोड़ दिल्ली-बेंगलुरु पर फोकस: DK शिवकुमार ने WEF यात्रा कैंसल की
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्विट्जरलैंड के दावोस में 18 से 23 जनवरी 2026 तक होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में शामिल होने के लिए प्रस्तावित अपना आधिकारिक दौरा रद्द कर दिया है। यह फैसला अचानक लिया गया है और इसके पीछे मुख्य वजह दिल्ली व बेंगलुरु में बढ़ती राजनीतिक व्यस्तताएं बताई जा रही हैं।
सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार:
शिवकुमार को असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए AICC (ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी) की ओर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे असम चुनावों को लेकर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ कई अहम बैठकें करने वाले हैं।
कर्नाटक विधानसभा का पांच दिवसीय विशेष अधिवेशन 22 जनवरी से शुरू हो रहा है, जिसमें केंद्र सरकार के खिलाफ MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इस मुद्दे पर विधानसभा में जोरदार बहस होने की संभावना है।
राज्य की राजनीति में चल रही हलचल, खासकर नेतृत्व (leadership) को लेकर जारी चर्चाएं और आंतरिक गतिशीलता भी इस फैसले में भूमिका निभा रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि शिवकुमार को बेंगलुरु और दिल्ली में मौजूद रहना पार्टी व सरकार दोनों के लिए जरूरी है।
इसके बजाय, कर्नाटक सरकार की ओर से बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री एमबी पाटिल दावोस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
यह दौरा रद्द होना कर्नाटक कांग्रेस में सिद्धरमैया-शिवकुमार के बीच सत्ता साझेदारी की पुरानी अटकलों और राज्य की राजनीतिक उथल-पुथल से जुड़ा माना जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्र इसे राजनीतिक प्राथमिकताओं का नतीजा बता रहे हैं।
कर्नाटक की राजनीति में शिवकुमार की सक्रियता जारी है, और ऐसा लगता है कि वे राष्ट्रीय व राज्य स्तर की चुनौतियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
