गंभीर ने रोहित को ODI कप्तानी से हटवाया? मनोज तिवारी का सनसनीखेज आरोप, अगरकर भी निशाने पर
गंभीर ने रोहित को ODI कप्तानी से हटवाया? मनोज तिवारी का सनसनीखेज आरोप, अगरकर भी निशाने पर
भारतीय क्रिकेट में एक नया विवाद गरमाया हुआ है! पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने बड़ा आरोप लगाया है कि टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा को वनडे कप्तानी से हटवाने में अहम भूमिका निभाई। उनका कहना है कि यह फैसला चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर ने अकेले नहीं लिया, बल्कि गंभीर ने उन पर प्रभाव डालकर “कंधे पर बंदूक रखकर निशाना चलवाया”।
क्या है पूरा मामला?
रोहित शर्मा ने 2025 में ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर कप्तानी में शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया दौरे (2025) से पहले उन्हें ODI कप्तानी से हटा दिया गया और शुभमन गिल को नया कप्तान बनाया गया।
BCCI का कहना था कि 2027 वनडे विश्व कप को देखते हुए युवा लीडरशिप की जरूरत है और तीन फॉर्मेट में अलग-अलग कप्तान नहीं रखना चाहते थे।
लेकिन मनोज तिवारी (Sports Today को दिए इंटरव्यू में) ने कहा:
“अगरकर मजबूत पर्सनैलिटी वाले हैं और सख्त फैसले लेते हैं, लेकिन ऐसा बड़ा फैसला अकेले नहीं हो सकता। गंभीर का इनपुट जरूर रहा होगा।”
“रोहित के तीन डबल सेंचुरी हैं, सेल्फलेस माइंडसेट है। उनकी कप्तानी हटाना क्रिकेटिंग लॉजिक से नहीं समझ आता। यह रोहित का अपमान है।”
तिवारी ने यहां तक कहा कि इस फैसले के बाद उनकी ODI मैच देखने में दिलचस्पी खत्म हो गई है।
अगरकर और गंभीर पर क्या आरोप?
तिवारी ने गंभीर को “रियल मास्टरमाइंड” बताया और कहा कि अगरकर ने उनके प्रभाव में “गन फायर” किया।
रोहित ने T20I (2024) और टेस्ट (2025) से रिटायरमेंट लिया था, लेकिन ODI में जारी थे। चैंपियंस ट्रॉफी जीत के ठीक बाद यह बदलाव फैंस को चौंका गया।
अभी तक BCCI, गंभीर या अगरकर की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
फैंस और एक्सपर्ट्स की राय
कई फैंस इसे “बेट्रेयल” मान रहे हैं। मोहम्मद कैफ जैसे पूर्व खिलाड़ी भी कह चुके हैं कि रोहित को एक साल और कप्तानी का मौका मिलना चाहिए था।
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि रोहित 2027 WC खेल सकते हैं, लेकिन कप्तानी युवा को सौंपी गई ताकि ट्रांजिशन आसान हो।
तिवारी और गंभीर के बीच पुराना मनमुटाव भी रहा है, इसलिए कुछ इसे व्यक्तिगत भी मान रहे हैं।
ये आरोप क्रिकेट जगत में तहलका मचा रहे हैं! क्या यह सच में गंभीर का प्रभाव था या सिर्फ BCCI की लॉन्ग-टर्म प्लानिंग? फैसला तो समय बताएगा, लेकिन रोहित के फैंस अभी भी नाराज हैं।
