अन्तर्राष्ट्रीय

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर: युद्धपोत तैनात, मिसाइलें सज्ज, खामेनेई का गुप्त ठिकाना लाविज़ान में?

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर: युद्धपोत तैनात, मिसाइलें सज्ज, खामेनेई का गुप्त ठिकाना लाविज़ान में?

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर आसमान छू रहा है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अपने शक्तिशाली युद्धपोत और मिसाइल सिस्टम तैयार कर लिए हैं। USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को मिडिल ईस्ट में तैनात किया गया है, जिसमें परमाणु ऊर्जा से चलने वाला यह विशाल जहाज दर्जनों फाइटर जेट्स, गाइडेड मिसाइल क्रूजर और विध्वंसक जहाजों के साथ मौजूद है। अमेरिकी सेना के ये कदम ईरान में जारी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और आर्थिक संकट के बीच आए हैं, जहां सरकार विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो चुके हैं और सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई के विकल्प खुले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन ने ट्रंप को ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स पर हमले के कई ऑप्शन्स सौंपे हैं। हालांकि, फिलहाल साइबर अटैक या सीमित स्ट्राइक की संभावना ज्यादा बताई जा रही है। कतर के अल-उदीद एयरबेस (मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा अमेरिकी बेस) पर अमेरिकी विमानों की आवाजाही बढ़ गई है, जहां 10,000 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। ईरान ने जवाब में अमेरिकी बेस को निशाना बनाने की धमकी दी है, जिसमें हॉर्मुज स्ट्रेट बंद करने और प्रॉक्सी ग्रुप्स से हमले शामिल हैं।

इस बीच सबसे बड़ा सवाल ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की सुरक्षा को लेकर है। ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और अमेरिका-इजरायल के खतरे के बीच खामेनेई को एक गुप्त अंडरग्राउंड बंकर में शिफ्ट किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका सीक्रेट ठिकाना तेहरान के उत्तर-पूर्वी इलाके लवीजान (Lavizan) में स्थित है। यह बंकर परिवार सहित उनकी सुरक्षा के लिए बनाया गया है, जहां वे छिपे हुए हैं। पहले भी इजरायल-ईरान संघर्ष के दौरान उन्हें इसी इलाके में शिफ्ट किया गया था।

ईरान की IRGC (रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स) ने मिसाइल और एयर डिफेंस एक्सरसाइज तेज कर दी हैं, जबकि अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। स्थिति बेहद नाजुक है—युद्ध टल भी सकता है या कभी भी भड़क सकता है। तेल की कीमतें बढ़ने और क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा मंडरा रहा है। दुनिया की नजरें अब ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *