उत्तराखंड

किसान आत्महत्या मामले में बड़ा एक्शन: मजिस्ट्रेट जांच शुरू, एसएसपी ने 26 लोगों के खिलाफ SIT गठित—एसपी क्राइम निहारिका तोमर को सौंपी कमान

किसान आत्महत्या मामले में बड़ा एक्शन: मजिस्ट्रेट जांच शुरू, एसएसपी ने 26 लोगों के खिलाफ SIT गठित—एसपी क्राइम निहारिका तोमर को सौंपी कमान

उधम सिंह नगर (काशीपुर), 14 जनवरी 2026: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में 40 वर्षीय किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। किसान द्वारा छोड़े गए वीडियो में कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है।

मजिस्ट्रेट जांच शुरू

कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। कमिश्नर ने वीडियो में नामजद किए गए सभी लोगों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि क्या किसान की मौत के पीछे कोई सामाजिक, आर्थिक या अन्य दबाव था।

एसएसपी ने गठित की SIT

कोतवाली आईटीआई थाने में दर्ज मुकदमे में 26 लोगों के खिलाफ एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। SIT की कमान एसपी क्राइम आईपीएस निहारिका तोमर को सौंपी गई है। टीम में शामिल हैं:

3 निरीक्षक (Inspectors)

2 उप-निरीक्षक (Sub-Inspectors)

2 सिपाही

एसएसपी ने SIT को निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तेजी से की जाए। टीम जल्द ही सभी गवाहों, नामजद लोगों और सबूतों की जांच करेगी।

मामले की पृष्ठभूमि

सुखवंत सिंह ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने कई लोगों पर कर्ज, धमकी और अन्य दबाव का आरोप लगाया था। वीडियो वायरल होने के बाद परिवार और स्थानीय किसान संगठनों ने न्याय की मांग की। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव है, और किसान संगठन प्रदर्शन की तैयारी में हैं।

प्रशासन का रुख

कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि मामले की हर परत खंगाली जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने आश्वासन दिया कि SIT जांच में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

परिवार ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन न्याय मिलने तक इंतजार जारी रहेगा। मामले पर नजर बनी हुई है—क्या SIT जल्द कोई बड़ा खुलासा करेगी? अपडेट्स का इंतजार रहेगा।

किसान आत्महत्या के ऐसे मामलों पर समाज और सरकार को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। क्या आपको लगता है कि उत्तराखंड में किसानों की समस्याओं पर और ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर दें।

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