ईरानी देशभक्तों को ट्रंप का संदेश: ‘विरोध जारी रखो, संस्थानों पर कब्जा करो, मदद आ रही है’, खामनेई के खिलाफ सख्त रुख
ईरानी देशभक्तों को ट्रंप का संदेश: ‘विरोध जारी रखो, संस्थानों पर कब्जा करो, मदद आ रही है’, खामनेई के खिलाफ सख्त रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम लीडर अली खामनेई के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। ट्रंप ने Truth Social पर एक पोस्ट में ईरानी प्रदर्शनकारियों को “देशभक्त” बताते हुए कहा, “ईरानी देशभक्तों, विरोध रखें जारी, संस्थानों पर करें कब्जा, आ रही है मदद”। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान में दिसंबर 2025 से शुरू हुए विरोध में अब तक 500+ मौतें हो चुकी हैं, और अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर है। ट्रंप के इस संदेश से अटकलें तेज हो गई हैं कि अमेरिका प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकता है।
ट्रंप का बयान और संदेश
ट्रंप ने पोस्ट में लिखा: “Iranian patriots, keep the protests going, seize institutions, help is coming.” उन्होंने खामनेई को “कठोर तानाशाह” बताया और कहा कि अमेरिका ईरानी लोगों के साथ खड़ा है।
ट्रंप ने आगे कहा कि अगर ईरानी रेजीम हिंसा जारी रखता है, तो अमेरिका “मदद” भेजेगा। यह “मदद” क्या होगी – सैन्य, साइबर या डिप्लोमेटिक – इस पर स्पष्ट नहीं किया गया।
ट्रंप प्रशासन ने पहले ही ईरान पर नए सैंक्शंस लगाए हैं और Starlink को ईरान में इंटरनेट सपोर्ट देने की अनुमति दी है, जिससे प्रदर्शनकारी सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप का बयान प्रदर्शनकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए है, लेकिन कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं होगा।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरानी विदेश मंत्री अब्दुल्लाहियन ने ट्रंप के बयान को “हस्तक्षेप” और “आतंकवाद को बढ़ावा” बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका प्रदर्शनों को हाईजैक करने की कोशिश कर रहा है।
खामनेई ने एक बयान में प्रदर्शनकारियों को “अमेरिका-इजरायल के एजेंट” कहा और दमन तेज करने का संकेत दिया। ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है, लेकिन Starlink से कुछ जानकारी बाहर आ रही है।
तेहरान में प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप के बयान का स्वागत किया और “Death to the Dictator” के नारे लगाए।
क्या होगा आगे?
ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर हमले की संभावना से इनकार नहीं किया, लेकिन पहले डिप्लोमेसी और सैंक्शंस पर फोकस है।
अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो ने ट्रंप के बयान का समर्थन किया और कहा कि ईरान में “क्रांति” की जरूरत है।
यह बयान ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति का हिस्सा लगता है, जहां वे ईरान को “टेरर स्पॉन्सर” बताते रहे हैं।
ट्रंप का यह बयान ईरान-अमेरिका रिश्तों में नया ट्विस्ट ला सकता है। अपडेट्स के लिए नजर रखें। क्या आपको लगता है ट्रंप की मदद से ईरान में बदलाव आएगा या तनाव बढ़ेगा? कमेंट्स में बताएं!
