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भारतीय सेना प्रमुख की सख्त चेतावनी: पाकिस्तान से ड्रोन घुसपैठ रोकने को कहा, J&K में हालात संवेदनशील लेकिन नियंत्रण में

भारतीय सेना प्रमुख की सख्त चेतावनी: पाकिस्तान से ड्रोन घुसपैठ रोकने को कहा, J&K में हालात संवेदनशील लेकिन नियंत्रण में

भारतीय सेना के वार्षिक प्रेस सम्मेलन में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य अभियानों के प्रमुख (DGMO स्तर पर) से ड्रोन घुसपैठ को नियंत्रित करने के लिए बात की गई है। जनरल द्विवेदी ने इसे “अस्वीकार्य” बताया और कहा कि यह मुद्दा DGMO-लेवल टॉक्स में उठाया गया, जहां पाकिस्तान को साफ संदेश दिया गया कि ऐसी गतिविधियां बंद हों।

ड्रोन घुसपैठ के विवरण

जनरल द्विवेदी ने बताया कि हाल के दिनों में LoC के पास छोटे ड्रोन देखे गए, जो कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे और उनकी लाइट्स जल रही थीं।

10 जनवरी को लगभग 6 ड्रोन देखे गए।

11 और 12 जनवरी को 2-3 ड्रोन प्रत्येक दिन।

सेना प्रमुख का मानना है कि ये रक्षात्मक (defensive) ड्रोन थे, जो भारतीय सेना की तैयारी टेस्ट करने या किसी कमजोरी/रास्ते की तलाश में थे – ताकि आतंकवादियों को भेजा जा सके।

उन्होंने कहा: “उन्हें नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली होगी। उन्हें लगाम लगाई गई है।” मतलब – भारतीय सेना की मजबूत मुद्रा से उन्हें कोई गैप नहीं मिला, और अब घुसपैठ की कोशिश नाकाम हो रही है।

J&K की स्थिति और ऑपरेशन सिंदूर

जनरल द्विवेदी ने पुष्टि की कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में है।

10 मई 2025 से वेस्टर्न फ्रंट और J&K में सतर्कता बरती जा रही है। 2025 में 31 आतंकियों को मार गिराया गया, जिनमें 65% पाकिस्तानी मूल के थे।

ऑपरेशन सिंदूर (पहलगाम हमले के बाद शुरू) अभी भी जारी है। भविष्य में किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

पाकिस्तान में अभी भी 8 आतंकी कैंप एक्टिव हैं – 6 LoC के सामने और 2 अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर। अगर कोई हरकत हुई, तो कार्रवाई होगी।

सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेना में कोई खामी या ढिलाई नहीं है, और घुसपैठ के लिए कोई रास्ता नहीं बचा।

DGMO टॉक्स और आगे की तैयारी

DGMO-लेवल बातचीत में ड्रोन मुद्दा उठाया गया और पाकिस्तान को नियंत्रण का निर्देश दिया गया।

सेना अब मिसाइल और रॉकेट फोर्स तैयार कर रही है, क्योंकि चीन और पाकिस्तान ने ऐसी फोर्स मजबूत की है।

स्वार्म ड्रोन, लॉयटरिंग म्यूनिशन्स और लॉन्ग-रेंज UAVs पर फोकस है।

यह चेतावनी हाल के ड्रोन साइटिंग्स (नौशेरा-राजौरी सेक्टर में) के बाद आई है, जहां सुरक्षा बलों ने काउंटर-मेजर्स लिए। स्थिति नाजुक है, लेकिन सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार है। अपडेट्स के लिए नजर रखें। क्या आपको लगता है पाकिस्तान ड्रोन गतिविधियां रोकेगा? कमेंट्स में बताएं!

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