अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड में ‘बंद’ का मिला-जुला असर, बाजार-ट्रांसपोर्ट प्रभावित लेकिन व्यापारी संगठनों ने दूरी बनाई!
अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड में ‘बंद’ का मिला-जुला असर, बाजार-ट्रांसपोर्ट प्रभावित लेकिन व्यापारी संगठनों ने दूरी बनाई!
अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI जांच की मांग को लेकर आज रविवार को पूरे उत्तराखंड में ‘उत्तराखंड बंद’ का आह्वान किया गया। हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी को ही मामले की CBI जांच की सिफारिश कर दी थी, लेकिन प्रदर्शनकारी और विपक्षी दल अब सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच की मांग पर अड़े हैं। बंद का असर मिला-जुला रहा – पहाड़ी जिलों में ज्यादा प्रभाव, मैदानी इलाकों में कम।
बंद का असर कैसा रहा?
पहाड़ी क्षेत्र (रुद्रप्रयाग, पौड़ी, चमोली, टिहरी, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी): बाजार और दुकानें ज्यादातर बंद रहीं। पौड़ी-श्रीनगर में सुबह 12 बजे तक बाजार पूरी तरह बंद। जनजीवन प्रभावित, सड़कों पर कम वाहन।
मैदानी और बड़े शहर (देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, उधम सिंह नगर): बंद का असर कमजोर। ज्यादातर बाजार खुले रहे, सार्वजनिक परिवहन चलता रहा। कुछ जगहों पर ऑटो-टैक्सी चालक ने हड़ताल की, लेकिन कुल मिलाकर सामान्यता बनी रही।
व्यापारिक संगठन: प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल सहित कई व्यापारी संघों ने बंद से दूरी बनाई। उन्होंने कहा कि CBI जांच की सिफारिश के बाद बंद का कोई औचित्य नहीं बचा।
बंद का बैकग्राउंड
अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने बंद का मुख्य आह्वान किया।
समर्थन: कांग्रेस, CPI(M), CPI, उत्तराखंड क्रांति दल, AAP, कई छोटे दल और आंदोलनकारी संगठन।
मांग: कथित VIP एंगल (वायरल ऑडियो-वीडियो में नामित) की निष्पक्ष जांच, सबूत नष्ट करने वालों पर कार्रवाई, और सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में CBI जांच।
पुलिस तैयारी: राज्यभर में भारी पुलिस बल तैनात। गढ़वाल रेंज IG राजीव स्वरूप ने कहा कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स, सोशल मीडिया पर उकसावे वाली पोस्ट न डालने की अपील।
CBI जांच अपडेट
मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता के माता-पिता की भावनाओं का सम्मान करते हुए 9 जनवरी को CBI जांच की सिफारिश की। पुलिस ने 10 जनवरी को VIP की पहचान के लिए FIR दर्ज की। लेकिन प्रदर्शनकारी कहते हैं कि सिर्फ सिफारिश काफी नहीं – जांच तुरंत और पारदर्शी होनी चाहिए।
क्यों फिर गरमाया मामला?
2022 में पौड़ी के वनंतरा रिसॉर्ट में 19 साल की अंकिता भंडारी की हत्या हुई। रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (पूर्व BJP नेता के बेटे) समेत तीन दोषियों को मई 2025 में उम्रकैद मिली। लेकिन हाल में वायरल ऑडियो-वीडियो और VIP का नाम आने से केस फिर सुर्खियों में। प्रदर्शनकारी आरोप लगाते हैं कि रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाकर सबूत नष्ट किए गए।
बंद ने राज्य में तनाव बढ़ाया, लेकिन व्यापारियों के पीछे हटने से यह पूर्ण सफल नहीं रहा। आंदोलनकारी कहते हैं कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
