उत्तराखंड

सिरोबगड़ डेंजर जोन का 95.12 करोड़ से होगा ट्रीटमेंट! बद्रीनाथ मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही होगी सुगम, जाम और हादसों से मिलेगी राहत

सिरोबगड़ डेंजर जोन का 95.12 करोड़ से होगा ट्रीटमेंट! बद्रीनाथ मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही होगी सुगम, जाम और हादसों से मिलेगी राहत

उत्तराखंड के बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर 60 साल पुराना नासूर साबित हो चुका सिरोबगड़ भूस्खलन जोन (Sirobagad Landslide Zone) अब स्थायी रूप से ठीक होने जा रहा है! केंद्र सरकार और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से इस डेंजर जोन के ट्रीटमेंट के लिए 95.12 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है। यह परियोजना श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी, क्योंकि यहां बारिश में मलबा गिरने से सड़क बंद हो जाती है, जाम लगता है और हादसों का खतरा बना रहता है।

सिरोबगड़ जोन की समस्या क्या है?

श्रीनगर से करीब 16 किमी दूर अलकनंदा नदी के किनारे स्थित यह जोन 1950 के दशक से सक्रिय है।

नदी का तेज बहाव (Toe Erosion) नीचे से पहाड़ी को काट रहा है, जिससे ऊपर से मलबा और बोल्डर गिरते रहते हैं।

मानसून में सड़क बार-बार बंद हो जाती है, जिससे चारधाम यात्रा (खासकर बद्रीनाथ) प्रभावित होती है।

Google Maps पर भी इसे “Sirobagad Landslide Zone” के रूप में चिह्नित किया गया है।

पिछले 60 सालों में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ, लेकिन अब ब्रिज और बाईपास के साथ ट्रीटमेंट शुरू हो रहा है।

क्या होगा ट्रीटमेंट में?

95.12 करोड़ की लागत से स्लोप स्टेबिलाइजेशन, ड्रेनेज सिस्टम, रिटेनिंग वॉल, जाली और रॉक बोल्टिंग जैसे कार्य होंगे।

अलकनंदा नदी पर नया ब्रिज बनाया जाएगा, जिससे ट्रैफिक पुराने जोन से डायवर्ट हो जाएगा।

THDC (Tehri Hydro Development Corporation) और NH लोनिवि के साथ मिलकर काम होगा।

कार्य पूरा होने पर चारधाम यात्रा में जाम, बंद और हादसों की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

श्रद्धालुओं और लोगों को क्या फायदा?

बद्रीनाथ धाम जाने वाले लाखों यात्री अब सुरक्षित और तेज सफर कर पाएंगे।

मानसून में सड़क बंद होने की समस्या कम होगी।

स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही सुगम बनेगी।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

यह परियोजना उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड जोन ट्रीटमेंट की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा सुरक्षित और सुगम हो, और ऐसे पुराने जोनों को हमेशा के लिए ठीक किया जाए।

अभी कार्य की शुरुआत जल्द होने वाली है –

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