उत्तराखंड में तैयार हो रहे 12 नए इको टूरिज्म डेस्टिनेशन! पर्यटकों को मिलेगा प्रकृति का अनोखा और सस्टेनेबल अनुभव
उत्तराखंड में तैयार हो रहे 12 नए इको टूरिज्म डेस्टिनेशन! पर्यटकों को मिलेगा प्रकृति का अनोखा और सस्टेनेबल अनुभव
उत्तराखंड सरकार इको-टूरिज्म को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी में जुट गई है। राज्य के वन विभाग और पर्यटन विभाग ने हाल ही में हाई-लेवल मीटिंग में नए इको-टूरिज्म साइट्स की पहचान की है, जहां सस्टेनेबल और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। ये डेस्टिनेशन जबरखेत इको-टूरिज्म मॉडल (मसूरी के पास सफल मॉडल) पर आधारित होंगे, जो वन्यजीव संरक्षण, लोकल कम्युनिटी की भागीदारी और पर्यावरण शिक्षा पर फोकस करते हैं।
मुख्य अपडेट्स
10-12 नए साइट्स की पहचान की गई है, जिनमें से 10 पर विस्तृत प्लान तैयार करने का काम चल रहा है (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर्स द्वारा 1 महीने के अंदर सबमिट)।
ट्रेकिंग और माउंटेनियरिंग पॉलिसी 15 जनवरी 2026 तक फाइनल हो जाएगी, जिससे नए पीक्स पर्यावरण ऑडिट के बाद खोले जाएंगे।
जबरखेत मॉडल को अन्य जगहों पर दोहराया जाएगा – कम्युनिटी-बेस्ड, इको-फ्रेंडली और लोकल इकोनॉमी को बूस्ट।
ये साइट्स विजन 2040 का हिस्सा हैं, जिससे उत्तराखंड को भारत का लीडिंग इको-टूरिज्म हब बनाना है।
ये नए डेस्टिनेशन क्या ऑफर करेंगे?
ये जगहें घने जंगल, उच्च ऊंचाई वाली झीलें, मीडोज, वाइल्डलाइफ और हिमालयन व्यू से भरी होंगी। पर्यटकों को मिलेगा:
ट्रेकिंग और बर्ड वॉचिंग
कैंपिंग और होमस्टे (लोकल कम्युनिटी द्वारा मैनेज्ड)
इको-एजुकेशन टूर
सस्टेनेबल एडवेंचर एक्टिविटीज (बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए)
कुछ संभावित/ऑफबीट इको-फ्रेंडली जगहें (जिन्हें नए प्रोजेक्ट्स में शामिल किया जा सकता है)
जबरखेत नेचर रिजर्व (मॉडल साइट, मसूरी के पास)
मुनस्यारी और कौसानी के आसपास के गांव
बिनसर वन क्षेत्र
धनौल्टी और चकराता के इको-पार्क
ऑफबीट हिल स्टेशन्स जैसे चोपता, मुक्तेश्वर के विस्तार
ये नए प्रोजेक्ट्स लोकल एम्प्लॉयमेंट बढ़ाएंगे, पर्यावरण संरक्षण करेंगे और पर्यटकों को शांत, अनोखा अनुभव देंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के तहत उत्तराखंड अब सस्टेनेबल टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा!
अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो 2026 में ये नए इको-डेस्टिनेशन जरूर एक्सप्लोर करें – शोर से दूर, सिर्फ शांति और हरे-भरे नजारे!
