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ट्रंप की 500% टैरिफ धमकी से बाजार में भूचाल! 5 दिन में सेंसेक्स 2200 अंक गिरा, निवेशकों के 13 लाख करोड़ डूबे

ट्रंप की 500% टैरिफ धमकी से बाजार में भूचाल! 5 दिन में सेंसेक्स 2200 अंक गिरा, निवेशकों के 13 लाख करोड़ डूबे

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन भी भारी गिरावट देखी गई, जिससे डोनाल्ड ट्रंप की रूस से तेल खरीदने वाले देशों (जिसमें भारत प्रमुख है) पर 500% टैरिफ की धमकी का असर साफ नजर आ रहा है। 9 जनवरी 2026 को BSE सेंसेक्स 604.72 अंक (0.72%) गिरकर 83,576.24 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 193.55 अंक (0.75%) लुढ़ककर 25,683.30 पर आ गया।

पिछले 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 2200 अंक (लगभग 2.6%) और निफ्टी 2.5% से ज्यादा गिर चुका है। इस भारी बिकवाली से BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया है। निवेशकों की संपत्ति में भारी नुकसान हुआ है।

यहां देखिए गिरावट के दौरान के कुछ प्रमुख चार्ट और इमेज:

गिरावट के मुख्य कारण

ट्रंप की टैरिफ धमकी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से सस्ता तेल खरीदने वाले देशों (भारत, चीन आदि) पर 500% तक टैरिफ लगाने वाले बिल को मंजूरी दी है। यह पहले से लगे 50% टैरिफ (रूसी तेल खरीद के कारण) के ऊपर अतिरिक्त झटका है। इससे भारतीय निर्यात प्रभावित होंगे, खासकर टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी, फार्मा और आईटी सेक्टर।

FII की लगातार बिकवाली: जनवरी 2026 में विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) ने हजारों करोड़ रुपये की बिकवाली की है। 2025 में भी रिकॉर्ड बिकवाली हुई थी।

वैश्विक अनिश्चितता: यूएस सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप टैरिफ की वैधता पर फैसला लंबित है। अगर फैसला ट्रंप के पक्ष में आया तो और गिरावट संभव।

अन्य फैक्टर: मेटल, ऑयल एंड गैस, आईटी और बैंकिंग सेक्टर में भारी बिकवाली। Q3 नतीजों की मिश्रित उम्मीदें भी दबाव बढ़ा रही हैं।

प्रमुख शेयरों का हाल

टॉप लूजर्स: ICICI बैंक, अडानी पोर्ट्स, NTPC, अडानी एंटरप्राइजेज, Jio फाइनेंशियल।

टॉप गेनर्स: कुछ डिफेंस और कंज्यूमर स्टॉक्स जैसे BEL, HCL टेक, ONGC में हल्की तेजी।

ट्रंप प्रशासन भारत से रूसी तेल आयात कम करने की मांग कर रहा है, लेकिन भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए इसे जारी रखे हुए है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यूएस सुप्रीम कोर्ट ट्रंप टैरिफ को अवैध घोषित करता है तो बाजार में तेज रिकवरी हो सकती है। फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है, और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

यह गिरावट 2026 की शुरुआत में ही बाजार को झटका दे रही है। क्या बाजार में जल्द राहत मिलेगी? अगले सत्रों पर नजर रखिए!

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