केजीएमयू धर्मांतरण मामले में बड़ी सफलता: आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक लखनऊ से गिरफ्तार
केजीएमयू धर्मांतरण मामले में बड़ी सफलता: आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक लखनऊ से गिरफ्तार
लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ यौन शोषण, जबरन गर्भपात और धर्म परिवर्तन के दबाव के गंभीर आरोपों में फंसे मुख्य आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी आज (9 जनवरी 2026) लखनऊ में हुई, जहां आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी में था, लेकिन चौक पुलिस ने उसे लखनऊ सिटी स्टेशन के पास से दबोच लिया।
डॉक्टर रमीज मलिक पिछले 16 दिनों से फरार चल रहा था। पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी एक बड़े धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़ा था, जहां डॉक्टरों के धर्म परिवर्तन पर 15 लाख और अन्य लोगों के लिए 5 लाख रुपये तक का ‘रेट कार्ड’ बताया जा रहा है।
मामले की मुख्य बातें
आरोपी पर एक हिंदू महिला डॉक्टर का फरवरी 2025 में धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने और उसके बाद यौन शोषण का आरोप है।
एक अन्य महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने शिकायत की कि रमीज ने शादी के बहाने यौन संबंध बनाए, गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराया और फिर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया। विरोध पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
आरोपी के माता-पिता (पिता सलीमुद्दीन और माता खतीजा) को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वे भी जांच में शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच में छांगुर (बलरामपुर) जैसे प्रभावशाली व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जिसके प्रभाव में आरोपी था।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी को निलंबित कर दिया है और उसका दाखिला रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुलपति ने स्पष्ट किया कि डॉक्टर रमीज अब कभी कैंपस में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
विशाखा कमेटी ने यौन उत्पीड़न के आरोपों में आरोपी को दोषी पाया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय इस संवेदनशील मामले की निगरानी कर रहा है।
यह गिरफ्तारी लखनऊ पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि आरोपी कई राज्यों में छिपने की कोशिश कर रहा था। अब पुलिस आगे की जांच में अन्य संभावित शामिल लोगों, जैसे दो प्रोफेसरों और काजी की तलाश कर रही है।
मामला अभी भी जांच के दौर में है और अधिक खुलासे होने की संभावना है। पीड़िताओं को सुरक्षा प्रदान की गई है।
