तमिलनाडु चुनाव 2026: भाजपा की 56 सीटों और कैबिनेट में 3 पदों की मांग, AIADMK ने रखा सख्त रुख
तमिलनाडु चुनाव 2026: भाजपा की 56 सीटों और कैबिनेट में 3 पदों की मांग, AIADMK ने रखा सख्त रुख
चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारी में जुटी भाजपा ने अपने सहयोगी AIADMK से सीट बंटवारे को लेकर बड़ी मांग रख दी है। पार्टी ने 234 सीटों में से 56 सीटों की मांग की है, साथ ही अगर गठबंधन की सरकार बनी तो कैबिनेट में कम से कम 3 पदों पर हिस्सेदारी मांगी है। यह मांग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने AIADMK महासचिव एडापड़ी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) के साथ दिल्ली में हुई देर रात की बैठक में रखी।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने अपनी मांग में यह भी शामिल किया है कि इन 56 सीटों को वह अपने सहयोगियों, जैसे AIADMK के बागी नेता ओ. पन्नीरसेल्वम और टीटीवी दिनाकरन के साथ बांटेगी। भाजपा का कहना है कि 2024 लोकसभा चुनाव में उसके प्रदर्शन को देखते हुए यह मांग जायज है। अमित शाह ने बैठक में जोर देकर कहा कि “एनडीए तमिलनाडु में सरकार बनाएगा” और सत्ता में हिस्सेदारी जरूरी है।
हालांकि, AIADMK ने इस मांग पर सख्त रुख अपनाया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि चुनाव से पहले सत्ता बंटवारे की घोषणा करने से DMK को हमला करने का मौका मिल जाएगा। AIADMK सूत्रों ने बताया कि वे 170 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं और सहयोगियों के लिए सिर्फ 64 सीटें छोड़ सकते हैं। ईपीएस ने बैठक में स्पष्ट किया कि AIADMK बहुमत वाली सरकार बनाएगी और सत्ता बंटवारे पर कोई समझौता नहीं होगा।
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब गठबंधन में PMK को शामिल किया गया है। AIADMK ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि ओ. पन्नीरसेल्वम और वीके शशिकला जैसे बागियों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “हमारी मांग से पीछे हटने का सवाल नहीं है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मांग तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है, जहां परंपरागत रूप से द्रविड़ पार्टियां हावी रही हैं। अगर समझौता नहीं हुआ तो गठबंधन टूटने की आशंका है। चुनाव से पहले बातचीत जारी है, लेकिन दोनों पार्टियां अपने-अपने रुख पर अड़ी हुई हैं।
इस बीच, DMK-कांग्रेस गठबंधन में भी सीट बंटवारे पर तनाव है, लेकिन भाजपा-AIADMK की यह जंग राज्य की राजनीति को और गर्म कर रही है। चुनावी रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
