टेक-ऑटो

सड़क पर गाड़ियां आपस में ‘बात’ करेंगी! नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान, 2026 तक आएगी V2V टेक्नोलॉजी – दुर्घटनाएं होंगी कम

सड़क पर गाड़ियां आपस में ‘बात’ करेंगी! नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान, 2026 तक आएगी V2V टेक्नोलॉजी – दुर्घटनाएं होंगी कम

भारत में हर साल लाखों सड़क हादसे होते हैं, जिसमें हजारों जानें जाती हैं। अब इन पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार एक गेम-चेंजर टेक्नोलॉजी लाने जा रही है – व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन! केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को ऐलान किया कि 2026 के अंत तक यह तकनीक देश में लागू की जाएगी। इससे गाड़ियां एक-दूसरे से वायरलेस तरीके से ‘बात’ करेंगी और ड्राइवर को रियल टाइम अलर्ट मिलेगा।

V2V टेक्नोलॉजी कैसे काम करेगी?

गाड़ियां बिना मोबाइल नेटवर्क के सीधे एक-दूसरे से कनेक्ट होंगी।

आसपास की गाड़ियों की स्पीड, लोकेशन, एक्सीलरेशन, ब्रेकिंग और ब्लाइंड स्पॉट में मौजूद वाहनों की जानकारी मिलेगी।

अचानक ब्रेक लगने, कोहरे में चेन रिएक्शन या पार्केड गाड़ी से टक्कर जैसी स्थितियों में तुरंत अलर्ट।

फ्लाइट में पायलट्स को मिलने वाले अलर्ट जैसा सिस्टम – ड्राइवर समय रहते एक्शन ले सकेगा।

सरकार की तैयारी:

दूरसंचार विभाग ने 30 MHz स्पेक्ट्रम (5.875-5.905 GHz) को V2V के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी।

सड़क परिवहन मंत्रालय और DoT के बीच जॉइंट टास्क फोर्स बना।

पहले नई गाड़ियों में इंस्टॉल होगा, फिर फेजवाइज सभी में।

अनुमानित लागत: करीब 5000 करोड़ रुपये। डिवाइस SIM कार्ड जैसा होगा।

गडकरी ने कहा कि यह तकनीक कोहरे में बड़े पाइल-अप और पीछे से टक्कर जैसे हादसों को रोकेगी। दुनिया के कुछ ही देशों में यह अभी इस्तेमाल हो रही है। साथ ही ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) को भी चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य किया जाएगा।

यह पहल सड़क सुरक्षा को अगले लेवल पर ले जाएगी – दुर्घटनाएं कम होंगी, जानें बचेंगी! क्या आप इस टेक्नोलॉजी का इंतजार कर रहे हैं?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *