Thursday, June 25, 2026
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वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज पर NMC का बड़ा एक्शन: MBBS कोर्स की अनुमति रद्द, छात्रों को दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा

वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज पर NMC का बड़ा एक्शन: MBBS कोर्स की अनुमति रद्द, छात्रों को दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा

जम्मू/नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) के लिए बड़ा झटका। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने कॉलेज को MBBS कोर्स चलाने की अनुमति (लेटर ऑफ परमिशन – LoP) तत्काल प्रभाव से वापस ले ली है। यह फैसला 2 जनवरी को हुई सरप्राइज इंस्पेक्शन में गंभीर कमियां मिलने के बाद लिया गया। कॉलेज में फैकल्टी की कमी, इंफ्रास्ट्रक्चर की खामियां, क्लिनिकल मटेरियल और मरीजों की अपर्याप्त संख्या जैसी बड़ी अनियमितताएं पाई गईं।

NMC के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने 6 जनवरी को जारी आदेश में कहा कि कॉलेज न्यूनतम मानकों का पालन करने में पूरी तरह असफल रहा, जिससे चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता खतरे में पड़ जाती। कॉलेज को 2025-26 सत्र के लिए 50 MBBS सीटों की अनुमति मिली थी, लेकिन अब यह रद्द हो गई है। साथ ही, कॉलेज की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी भी जब्त की जाएगी।

हालांकि, छात्रों की चिंता करने की जरूरत नहीं – NMC ने स्पष्ट किया कि 2025-26 सत्र में एडमिशन ले चुके सभी छात्रों को जम्मू-कश्मीर के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपरन्यूमेररी सीटों पर एडजस्ट किया जाएगा। कोई भी छात्र अपनी MBBS सीट नहीं खोएगा।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब कॉलेज पहले बैच के एडमिशन को लेकर विवादों में घिरा था। 50 सीटों में से 42-46 मुस्लिम छात्रों (ज्यादातर कश्मीर घाटी से) का चयन होने पर हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किए थे। श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने श्राइन बोर्ड के फंड के दुरुपयोग और हिंदू छात्रों की अनदेखी का आरोप लगाया था। भाजपा ने NMC के फैसले का स्वागत किया और इसे “गुणवत्ता पर जोर” बताया, जबकि कुछ पक्षों ने इसे विवाद से जोड़कर देखा। हालांकि, NMC ने साफ कहा कि कार्रवाई सिर्फ तकनीकी और मानक उल्लंघन पर आधारित है।

कॉलेज श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से जुड़ा है और सितंबर 2025 में ही LoP मिला था। अब भविष्य में दोबारा अनुमति के लिए कमियों को दूर करना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में सख्त कदम है, लेकिन नए कॉलेजों के लिए चुनौती भी। क्या कॉलेज जल्द कमियां दूर कर पाएगा या बंद होने की कगार पर रहेगा – यह आने वाला समय बताएगा।

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