‘थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू’: CM योगी की सख्ती से 24 घंटे में मेजर की बेटी अंजना को मिला अपना आशियाना, भूमाफिया गिरफ्तार
‘थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू’: CM योगी की सख्ती से 24 घंटे में मेजर की बेटी अंजना को मिला अपना आशियाना, भूमाफिया गिरफ्तार
लखनऊ, 3 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश में नए साल का पहला दिन एक पूर्व सैनिक की बेटी के लिए न्याय और खुशी की सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर महज 24 घंटे के भीतर लखनऊ के इंदिरा नगर में स्थित करोड़ों रुपये की संपत्ति पर अवैध कब्जा हटवाकर इसे असली मालकिन अंजना भट्ट को सौंप दिया गया। साथ ही भूमाफियाओं को गिरफ्तार कर लिया गया। अंजना ने भावुक होकर कहा, “थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू।”
क्या है पूरा मामला?
अंजना भट्ट के पिता स्वर्गीय मेजर बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में सेवा दे चुके थे। 1994 में उनके निधन के बाद परिवार में एक बेटा और दो बेटियां थीं, लेकिन समय के साथ बेटा और एक बेटी का भी निधन हो गया।
अकेली बची अंजना को परिवार के सदमों से सीजोफ्रेनिया हो गया। 2016 से वे निर्वाण रिहैब सेंटर में इलाज करा रही हैं।
इस दौरान चंदौली निवासी बलराम यादव (उर्फ बलवंत/बब्लू) और मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेजों से इंदिरा नगर के ए-418 नंबर मकान पर कब्जा कर लिया और अपना बोर्ड लगा दिया।
योगी का त्वरित हस्तक्षेप
अंजना को कब्जे की जानकारी मिली तो उन्होंने पहले स्थानीय थाने में शिकायत की, लेकिन देरी हुई।
31 दिसंबर 2025 को अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जनता दर्शन में मुलाकात की और अपनी व्यथा सुनाई।
सीएम ने तुरंत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और 24 घंटे में न्याय का भरोसा दिलाया।
निर्देश मिलते ही गाजीपुर पुलिस और प्रशासन सक्रिय हुआ। जांच में फर्जीवाड़ा साबित हुआ और 1 जनवरी 2026 को दोपहर से पहले मकान कब्जा मुक्त कर अंजना को सौंप दिया गया।
दोनों आरोपी बलराम यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया गया।
घर में प्रवेश करते ही छलके आंसू
पुलिस और सेना अधिकारियों की मौजूदगी में जब अंजना घर में पहुंचीं तो भावुक हो गईं। उन्होंने हर कमरे की दीवारों को छुआ, नारियल फोड़ा, दीप जलाया और पड़ोसियों से गले मिलकर बचपन की यादें ताजा कीं।
आंसू छलकते हुए बोलीं, “योगी अंकल ने मेरे दुख में साथ दिया। थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू।”
भूमाफिया पर जीरो टॉलरेंस
यह कार्रवाई योगी सरकार की भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की मिसाल बनी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे त्वरित न्याय से कमजोर और असहाय लोगों में सरकार पर भरोसा बढ़ा है, खासकर सैनिक परिवारों के लिए।
यह घटना उत्तर प्रदेश में सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का प्रतीक बन गई है। अंजना की मुस्कान ने नए साल को और खास बना दिया।
