नर्मदा किनारे तोतों की सामूहिक मौत: 72 घंटे में 200 से ज्यादा शव मिले, फूड पॉइजनिंग से हड़कंप
नर्मदा किनारे तोतों की सामूहिक मौत: 72 घंटे में 200 से ज्यादा शव मिले, फूड पॉइजनिंग से हड़कंप
खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में नर्मदा नदी के किनारे पिछले चार दिनों में 200 से अधिक तोतों की अचानक मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है। बड़वाह क्षेत्र के एक्वाडक्ट पुल और नावघाट खेड़ी के पास जमीन पर मरे पक्षियों का ढेर लग गया। शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग को मुख्य कारण बताया जा रहा है, जबकि बर्ड फ्लू की आशंका पूरी तरह खारिज कर दी गई है।
वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर शवों को एकत्र किया और पोस्टमार्टम कराया। पशु चिकित्सक डॉ. मनीषा चौहान ने बताया कि मरे तोतों की आंतों और लिवर में गंभीर संक्रमण के संकेत मिले। कई शवों की बड़ी-छोटी आंत में चावल के दाने और पत्थर पाए गए, जो विषाक्त भोजन से मौत की ओर इशारा करते हैं। जिला वन्यजीव वार्डन टोनी शर्मा ने कहा, “कुछ तोते बचाने की कोशिश में जिंदा मिले, लेकिन विष की मात्रा इतनी ज्यादा थी कि वे भी मर गए।”
विभाग का मानना है कि किसानों द्वारा कीटनाशक युक्त अनाज या दूषित भोजन खाने से यह हादसा हुआ। स्थानीय लोग अक्सर तोतों को दाना डालते हैं, जो संभवतः दूषित था। विसरा सैंपल भोपाल और जबलपुर की लैब भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट का इंतजार है। अन्य पक्षियों जैसे कबूतर, गौरैया और डायमंड डव की भी मौतें रिपोर्ट हुई हैं।
यह घटना इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बीच आई है, जिससे पर्यावरण और वन्यजीव सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि पक्षियों को दाना डालने से पहले सावधानी बरतें और किसी संदिग्ध मौत की सूचना तुरंत दें। इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कीटनाशकों का अंधाधुंध इस्तेमाल वन्यजीवों के लिए घातक साबित हो रहा है।
