‘भगवान की शरण में आ गए जावेद अख्तर?’ फेक AI वीडियो पर भड़के लेखक, साइबर पुलिस और कोर्ट की दी चेतावनी
‘भगवान की शरण में आ गए जावेद अख्तर?’ फेक AI वीडियो पर भड़के लेखक, साइबर पुलिस और कोर्ट की दी चेतावनी
मुंबई: मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर AI के दुरुपयोग का शिकार हो गए हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक डीपफेक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें टोपी पहने दिखाया गया है और दावा किया जा रहा है कि वे आखिरकार ‘भगवान की शरण’ में चले गए हैं। नास्तिक विचारधारा के लिए जाने जाने वाले जावेद अख्तर ने इस वीडियो को ‘बकवास’ बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
1 जनवरी 2026 को जावेद ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, “एक फेक वीडियो सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें मेरी कंप्यूटर से बनी फेक तस्वीर है। मेरे सिर पर टोपी है और दावा किया जा रहा है कि आखिरकार मैं भगवान की ओर मुड़ गया हूं। यह पूरी तरह बकवास है। मैं गंभीरता से साइबर पुलिस में रिपोर्ट करने और जिम्मेदार व्यक्ति व इसे फॉरवर्ड करने वालों को कोर्ट में घसीटने पर विचार कर रहा हूं, क्योंकि इससे मेरी प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंच रहा है।”
यह वीडियो दिसंबर 2025 में जावेद की ‘क्या भगवान मौजूद हैं?’ बहस के ठीक बाद वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती शमाइल नदवी से डिबेट की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वीडियो जानबूझकर उनके विचारों को गलत तरीके से पेश करने के लिए बनाया गया। जावेद के पोस्ट पर फैंस और सेलेब्स ने समर्थन दिया, कई ने डीपफेक को ‘सोशल मीडिया का जहर’ बताया। एक यूजर ने लिखा, “ऐसे डीपफेक शुद्ध जहर हैं। लीगल एक्शन लीजिए, पूरा सपोर्ट है।”
पिछले कुछ महीनों में रश्मिका मंदाना, आलिया भट्ट, कंगना रनौत समेत कई सेलेब्स डीपफेक का शिकार हो चुके हैं। जावेद का मामला AI मिसयूज के खिलाफ सख्त कानूनों की मांग को फिर से मजबूत कर रहा है। साइबर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ऐसे कंटेंट से न सिर्फ व्यक्तिगत प्रतिष्ठा बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी खतरा है। अब देखना यह है कि जावेद इस पर आगे क्या कार्रवाई करते हैं।
