Monday, April 27, 2026
राष्ट्रीय

फास्ट फूड ने ली टीनेजर की जान? AIIMS में मौत के बाद डॉक्टरों की चेतावनी – बाहर का खाना क्यों है खतरनाक

नई दिल्ली/अमरोहा, 23 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश के अमरोहा की 16 साल की कक्षा 11वीं की छात्रा अहाना की दिल्ली AIIMS में मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, अहाना की मौत की मुख्य वजह लंबे समय तक अत्यधिक फास्ट फूड का सेवन थी, जिससे उसकी आंतें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। परिवार वालों का कहना है कि अहाना को पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन और मैगी जैसी चीजें बहुत पसंद थीं और वह घर का खाना नहीं खाती थीं।

अहाना की तबीयत सितंबर में बिगड़नी शुरू हुई थी। पेट दर्द की शिकायत के बाद जांच में पता चला कि उसकी आंतों में छेद हो गया था और वे आपस में चिपक गई थीं। मुरादाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में 30 नवंबर को सर्जरी हुई, जहां पेट से करीब 7 लीटर तरल पदार्थ निकाला गया। कुछ सुधार के बाद उसे दिल्ली के AIIMS रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी हालत में थोड़ी बेहतरी आई, लेकिन 21 दिसंबर की रात अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और हार्ट फेलियर से उसकी मौत हो गई।

अहाना के मामा गुलजार खान ने बताया, “डॉक्टरों ने साफ कहा कि ज्यादा फास्ट फूड खाने से आंतें खराब हो गई थीं। पाचन तंत्र पूरी तरह डैमेज हो चुका था।” AIIMS के डॉक्टरों ने भी परिवार को बताया कि फाइबर की कमी, प्रिजर्वेटिव्स और मैदा की अधिकता से आंतों में ब्लॉकेज और फिर छेद हो गया, जिससे संक्रमण फैल गया।

‘बाहर के खाने’ से क्यों मना करते हैं डॉक्टर?

यह मामला कोई पहला नहीं है, लेकिन यह फास्ट फूड के खतरों की गंभीर चेतावनी है। डॉक्टर लगातार ‘बाहर का खाना’ या जंक फूड से परहेज करने की सलाह देते हैं क्योंकि:

आंतों की सेहत बिगड़ती है: जंक फूड में फाइबर कम और मैदा, तेल, नमक व शुगर ज्यादा होता है। इससे गट माइक्रोबायोम बिगड़ता है, आंतों की परत कमजोर होती है और सूजन बढ़ती है। लंबे समय में ‘लीकी गट’ सिंड्रोम, पाचन रुकावट और गंभीर संक्रमण हो सकता है।

मोटापा और डायबिटीज का खतरा: ICMR और लैंसेट की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स से भारत में मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हाइपरटेंशन और हार्ट डिजीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चों में यह आदत जल्दी बीमारियां लाती है।

इम्यूनिटी कमजोर होती है: प्रिजर्वेटिव्स और ट्रांस फैट से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है, जिससे संक्रमण आसानी से जानलेवा बन जाते हैं।

अन्य जोखिम: कैंसर, डिप्रेशन, नींद की समस्या और क्रॉनिक किडनी डिजीज जैसी 30 से ज्यादा बीमारियां जंक फूड से जुड़ी हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि घर का संतुलित खाना – दालें, सब्जियां, फल और दूध – सेहत के लिए जरूरी है। कभी-कभी जंक फूड ठीक है, लेकिन रोजाना सेवन जानलेवा साबित हो सकता है।

अहाना की मौत से परिवार सदमे में है। यह घटना अभिभावकों और युवाओं के लिए सबक है कि स्वाद के चक्कर में सेहत से खिलवाड़ न करें। डॉक्टरों की अपील है – बच्चों की डाइट पर नजर रखें और घर का खाना प्राथमिकता दें।

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