MHADA की सरकारी जमीन पर अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स: शिवसेना विधायक मंगेश कुडालकर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
MHADA की सरकारी जमीन पर अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स: शिवसेना विधायक मंगेश कुडालकर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, कोर्ट ने ACB को FIR दर्ज करने के आदेश दिए
मुंबई, 20 दिसंबर 2025: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के कुर्ला विधायक मंगेश अनंत कुडालकर पर MHADA (महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) की सरकारी जमीन पर बिना अनुमति के आलीशान हॉल और कमर्शियल सेंटर बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। यह जमीन सार्वजनिक सुविधाओं और गार्डन के लिए आरक्षित थी, लेकिन विधायक फंड का दुरुपयोग कर यहां निजी लाभ के लिए निर्माण कराया गया। इतना ही नहीं, इन इमारतों को किराए पर देकर अवैध कमाई की जा रही है।
मुंबई की विशेष अदालत ने 17 दिसंबर को इन आरोपों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए महाराष्ट्र एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) को विधायक के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने और जांच करने के आदेश दिए हैं। जज सत्यनारायण आर नवंदर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत इसे संगीन अपराध माना। शिकायतकर्ता स्थानीय निवासी रमेश सत्यन बोर्वा ने MHADA के 25 नवंबर के पत्र का हवाला देते हुए अदालत में सबूत पेश किए।
आरोपों के मुताबिक, कुर्ला ईस्ट में स्थित इस प्लॉट पर विधायक ने विकास कार्यों के नाम पर मिले सार्वजनिक फंड को निजी हित में इस्तेमाल किया। तीन बार के विधायक कुडालकर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं। BMC चुनाव से ठीक पहले यह मामला सामने आने से महायुति को झटका लगा है। विपक्षी दल इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बता रहे हैं।
विधायक कुडालकर ने अभी इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ACB अब जांच शुरू करेगी, जिसमें फंड के दुरुपयोग और अवैध निर्माण की गहराई तक पड़ताल होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाइयों को और मजबूत करेगा। कुर्ला की जनता में आक्रोश है, लोग सार्वजनिक जमीन की रक्षा की मांग कर रहे हैं।
यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही की बहस को फिर से गरमा रही है। आगे की जांच क्या खुलासे करेगी, यह देखना बाकी है।
