BMC चुनाव में दरार: कांग्रेस ने ठुकराया उद्धव-राज गठबंधन, अकेले लड़ने का ऐलान… MVA में टूट की आहट?
BMC चुनाव में दरार: कांग्रेस ने ठुकराया उद्धव-राज गठबंधन, अकेले लड़ने का ऐलान… MVA में टूट की आहट?
मुंबई, 20 दिसंबर 2025: महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा उलटफेर! बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले महाविकास अघाड़ी (MVA) में गहरी दरार पड़ गई है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कि वह 15 जनवरी 2026 को होने वाले BMC चुनाव अकेले लड़ेगी। पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने शनिवार को यह ऐलान किया, जिससे उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और शरद पवार की NCP (SP) को झटका लगा है।
यह फैसला उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे की MNS के बीच बढ़ती नजदीकियों के बीच आया है। दोनों ठाकरे भाई BMC चुनाव में साथ लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि मराठी वोटों को एकजुट किया जा सके। लेकिन कांग्रेस ने MNS के साथ किसी भी गठबंधन को साफ इनकार कर दिया, क्योंकि राज ठाकरे की पार्टी उत्तर भारतीयों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित बयानबाजी के लिए जानी जाती है। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा, “MNS के साथ गठबंधन से हमारे पारंपरिक वोटर बेस (उत्तर भारतीय, दलित, मुस्लिम) दूर हो जाएंगे।”
शिवसेना (UBT) के संजय राउत ने कांग्रेस के फैसले पर तंज कसा और कहा कि अगर कांग्रेस अकेले लड़ना चाहती है तो वह स्वतंत्र है, लेकिन इससे भाजपा को फायदा होगा। NCP (SP) ने अभी अपना रुख साफ नहीं किया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वे MVA में बने रह सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस का अकेले लड़ना विपक्षी वोटों का बंटवारा करेगा, जिससे सत्तारूढ़ महायुति (भाजपा-शिंदे सेना-अजित पवार NCP) को फायदा मिलेगा।
BMC एशिया की सबसे अमीर नगर निगम है, जिसका 2025-26 का बजट 74,427 करोड़ रुपये है। 227 सीटों वाली इस लड़ाई में महायुति ने सीट शेयरिंग लगभग फाइनल कर ली है, जबकि MVA खेमे में सब कुछ उलझा हुआ है। कांग्रेस सभी 227 सीटों पर तैयारी कर रही है और वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) से गठबंधन की संभावना तलाश रही है।
यह चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। क्या MVA पूरी तरह टूट जाएगा या सिर्फ BMC तक सीमित रहेगा यह आने वाले दिन बताएंगे।
