ओसमान हादी का अंतिम संस्कार: सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, यूनुस ने दी भावुक श्रद्धांजलि… नारेबाजी के बीच 24 घंटे का अल्टीमेटम
ओसमान हादी का अंतिम संस्कार: सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, यूनुस ने दी भावुक श्रद्धांजलि… नारेबाजी के बीच 24 घंटे का अल्टीमेटम
ढाका, 20 दिसंबर 2025: बांग्लादेश के जुलाई क्रांति के प्रमुख युवा नेता और इंकिलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ ओसमान हादी का आज राजधानी ढाका में भव्य जनाजा संपन्न हुआ। संसद भवन के दक्षिण प्लाजा (मानिक मिया एवेन्यू) पर आयोजित जनाजे में लाखों लोग उमड़ पड़े, जिससे सड़कें जनसैलाब से भर गईं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मुहम्मद यूनुस खुद मौजूद रहे और हादी को भावुक श्रद्धांजलि दी।
यूनुस ने संबोधन में कहा, “हम यहां विदाई देने नहीं आए हैं। हादी हमारे दिलों में हैं और बांग्लादेश के दिल में हमेशा रहेंगे। तुम कभी भुलाए नहीं जाओगे, तुम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहोगे।” उन्होंने हादी की मानवता, विनम्रता और राजनीतिक आदर्शों की तारीफ की, साथ ही उनके मशहूर नारे का जिक्र कर कहा कि यह बांग्लादेश में गूंजता रहेगा। यूनुस ने हादी को “शहीद” करार देते हुए उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
जनाजे में भारी भीड़ ने नारे लगाए जैसे “हादी का खून व्यर्थ नहीं जाएगा”, “हम दशकों तक लड़ते रहेंगे” और न्याय की मांग। कुछ जगहों पर “दिल्ली ना ढाका” जैसे नारे भी सुनाई दिए। हादी के सहयोगी अब्दुल्लाह अल जाबेर ने यूनुस सरकार को हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया, चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज होगा।
हादी की हत्या 12 दिसंबर को हुई थी, जब मस्जिद से निकलते समय नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें गोली मारी। सिंगापुर में इलाज के दौरान 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। मौत की खबर के बाद देशभर में हिंसा भड़की, मीडिया हाउसों और अल्पसंख्यक संपत्तियों पर हमले हुए। सरकार ने आज राष्ट्रीय शोक घोषित किया, झंडे आधे झुके रहे। हादी को परिवार की इच्छा पर राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की कब्र के पास ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल मस्जिद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
यह जनाजा शांतिपूर्ण रहा, लेकिन फरवरी 2026 चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ा रहा है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग की है। बांग्लादेश की स्थिरता के लिए यह घटना चुनौती बनी हुई है।
