भारत टैक्सी: पैसेंजर्स और ड्राइवर्स दोनों के लिए फायदेमंद सरकारी पहल
भारत टैक्सी: पैसेंजर्स और ड्राइवर्स दोनों के लिए फायदेमंद सरकारी पहल
नई दिल्ली, 20 दिसंबर 2025: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना भारत टैक्सी ओला और उबर जैसी निजी कैब सेवाओं को टक्कर देने के लिए तैयार है। यह देश की पहली सहकारी (कोऑपरेटिव) आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जो सहकारिता मंत्रालय और नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के सहयोग से विकसित की गई है। ऐप का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड कर रही है, जिसमें ड्राइवर्स को ‘सारथी’ कहा जाएगा और वे सह-मालिक बनेंगे। दिल्ली में 1 जनवरी 2026 से इसकी पूर्ण लॉन्चिंग होगी, जहां पहले से 56,000 से ज्यादा ड्राइवर्स रजिस्टर कर चुके हैं।
पैसेंजर्स को क्या फायदे?
नो सर्ज प्राइसिंग: पीक आवर्स, बारिश या त्योहारों में किराया नहीं बढ़ेगा। फिक्स्ड और पारदर्शी किराया मिलेगा, जिससे यात्रा सस्ती और अनुमानित बनेगी।
सुरक्षा और भरोसा: केवल वेरिफाइड ड्राइवर्स, रीयल-टाइम ट्रैकिंग, 24×7 कस्टमर सपोर्ट और DigiLocker-UMANG से इंटीग्रेशन।
विकल्पों की विविधता: बाइक, ऑटो, कार जैसी कई कैटेगरी, मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट (हिंदी सहित) और आसान बुकिंग।
किफायती राइड्स: निजी ऐप्स की तुलना में कम किराया, क्योंकि कमीशन नहीं काटा जाता।
ड्राइवर्स को क्या फायदे?
ज्यादा कमाई: ड्राइवर्स को किराए का 80% से ज्यादा (कुछ रिपोर्ट्स में 100%) हिस्सा मिलेगा। केवल नाममात्र सदस्यता शुल्क, कोई हाई कमीशन नहीं।
सह-मालिकाना हक: ड्राइवर्स कोऑपरेटिव के शेयरहोल्डर बनेंगे, प्रॉफिट शेयर और पॉलिसी में आवाज मिलेगी।
सम्मान और स्थिरता: बेहतर कामकाजी माहौल, कोई मनमानी कैंसिलेशन और लंबे समय तक आय की गारंटी।
सरकारी बैकिंग: NABARD, IFFCO, Amul जैसे संस्थानों का सपोर्ट।
यह पहल ‘सहकार से समृद्धि’ मिशन का हिस्सा है, जो ड्राइवर्स को सशक्त बनाएगी और पैसेंजर्स को भरोसेमंद सेवा देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राइड-हेलिंग मार्केट में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आएगी और निजी कंपनियों की मनमानी रुकेगी। ऐप पहले से प्ले स्टोर पर उपलब्ध है, जल्द ही पूरे देश में विस्तार होगा।
