न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में बड़ा बदलाव: लोकसभा ने पास किया SHANTI बिल, प्राइवेट प्लेयर्स को मिलेगी एंट्री!
न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में बड़ा बदलाव: लोकसभा ने पास किया SHANTI बिल, प्राइवेट प्लेयर्स को मिलेगी एंट्री!
नई दिल्ली, 17 दिसंबर 2025: लोकसभा ने बुधवार को सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (SHANTI) बिल, 2025 को वॉइस वोट से पास कर दिया। विपक्ष के वॉकआउट के बीच पास हुए इस बिल से भारत के न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में दशकों पुरानी सरकारी एकाधिकार खत्म हो जाएगी और प्राइवेट कंपनियां न्यूक्लियर पावर प्लांट्स स्थापित करने, संचालित करने में हिस्सा ले सकेंगी।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बिल पेश करते हुए कहा कि यह भारत को 2047 तक 100 गीगावॉट न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता हासिल करने में मदद करेगा। बिल अब राज्यसभा में जाएगा।
बिल के मुख्य प्रावधान:
प्राइवेट सेक्टर की एंट्री: अब सरकारी कंपनियों के अलावा प्राइवेट कंपनियां और जॉइंट वेंचर्स न्यूक्लियर पावर प्लांट्स लगा सकेंगी। लाइसेंस सेंट्रल गवर्नमेंट से मिलेगा।
पुराने कानूनों की जगह: 1962 का एटॉमिक एनर्जी एक्ट और 2010 का सिविल लायबिलिटी फॉर न्यूक्लियर डैमेज एक्ट को रिपील कर एक नया कॉम्प्रिहेंसिव फ्रेमवर्क बनेगा।
सुरक्षा और रेगुलेशन: एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (AERB) को स्टैच्यूटरी स्टेटस मिलेगा। सेफ्टी को प्राथमिकता, लेकिन सप्लायर्स की लायबिलिटी को आसान बनाया गया।
आरएंडडी में छूट: न्यूक्लियर इनोवेशन और रिसर्च के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं।
क्लीन एनर्जी फोकस: स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMR) को प्रमोट करेगा, जो डेटा सेंटर्स और इंडस्ट्री के लिए 24×7 क्लीन पावर दे सकेंगे।
विपक्ष का विरोध क्यों?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे “प्राइवेटाइज्ड न्यूक्लियर एक्सपैंशन का खतरनाक कदम” बताया, कहा कि सेफ्टी, पर्यावरण और पीड़ितों के न्याय पर समझौता हो रहा है।
विपक्ष ने बिल को स्टैंडिंग कमिटी को भेजने की मांग की, लेकिन वॉकआउट कर दिया।
कई सांसदों ने चिंता जताई कि प्राइवेट प्लेयर्स सेफ्टी में NPCIL जितना सतर्क रहेंगे या नहीं।
फायदे क्या होंगे?
न्यूक्लियर एनर्जी का शेयर बढ़ेगा, कोयले पर निर्भरता कम होगी।
निवेश बढ़ेगा, रोजगार सृजन होगा।
क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन में मदद, नेट जीरो गोल्स के करीब।
कंपनियां जैसे अडानी, L&T, टाटा पावर, NTPC पहले से इंटरेस्ट दिखा रही हैं।
सरकार का कहना है कि स्ट्रैटेजिक कंट्रोल केंद्र के पास रहेगा, सेफ्टी से कोई समझौता नहीं। यह बिल भारत को ग्लोबल क्लीन एनर्जी में बड़ा प्लेयर बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। राज्यसभा में पास होने के बाद कानून बनेगा।
