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2014 से अब तक 23,926 घुसपैठिए पकड़े गए, भारत-चीन सीमा पर शून्य मामले: लोकसभा में सरकार का खुलासा

2014 से अब तक 23,926 घुसपैठिए पकड़े गए, भारत-चीन सीमा पर शून्य मामले: लोकसभा में सरकार का खुलासा

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में मंगलवार को सरकार ने सीमा सुरक्षा पर महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने तृणमूल कांग्रेस के सांसदों जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया और शर्मिला सरकार के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि 2014 से जनवरी-नवंबर 2025 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल और भूटान की सीमाओं पर कुल 23,926 घुसपैठियों को सुरक्षा बलों ने पकड़ा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे प्रकरण में भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ।

आंकड़ों का विवरण

गृह मंत्रालय के आधिकारिक डेटा के अनुसार, 2014 से 2024 तक 20,806 घुसपैठिए पकड़े गए, जबकि 2025 के जनवरी से नवंबर तक 3,120 और गिरफ्तारियां हुईं। कुल मिलाकर सबसे ज्यादा मामले भारत-बांग्लादेश सीमा पर सामने आए। ब्रेकअप इस प्रकार है:

भारत-बांग्लादेश सीमा: 18,851 (कुल) + 2025 में 2,556

भारत-म्यांमार सीमा: 1,165 + 2025 में 437

भारत-पाकिस्तान सीमा: 556 + 2025 में 49

भारत-नेपाल-भूटान सीमाएं: 234 + 2025 में 78

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि पश्चिमी और पूर्वी सीमाओं पर घुसपैठ की कोशिशें जारी हैं, लेकिन उत्तरी सीमा (चीन के साथ) पूरी तरह सुरक्षित रही। सरकार ने स्पष्ट किया कि 2025 में भी भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठिया पकड़ा नहीं गया।

सबसे ज्यादा चुनौती बांग्लादेश सीमा पर

भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ की सबसे अधिक घटनाएं दर्ज की गईं। यह सीमा लंबी और जटिल भौगोलिक स्थिति वाली है, जिसमें नदियां और घने जंगल शामिल हैं। बीएसएफ की सतर्कता से कई कोशिशें नाकाम की गईं।

चीन सीमा पर क्यों शून्य घुसपैठ?

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-चीन सीमा की ऊंचाई, कठिन मौसम और दोनों देशों के बीच सैन्य समझौते घुसपैठ को रोकते हैं। हालांकि, LAC पर विवाद और टकराव की घटनाएं हुई हैं, लेकिन अवैध प्रवेश के मामले नहीं। सरकार ने सीमा बाड़बंदी, तकनीकी निगरानी और सैन्य तैनाती को मजबूत करने पर जोर दिया है।

ये आंकड़े भारत की सीमा सुरक्षा की मजबूती को दर्शाते हैं। सरकार की सतर्कता से अवैध घुसपैठ पर काफी हद तक नियंत्रण है, खासकर चीन सीमा पर। आने वाले समय में तकनीकी समाधानों से और सुधार की उम्मीद है।

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