‘सब कुछ सॉर्ट आउट, मार्च तक डील नहीं हुई तो आश्चर्य’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर CEA का सकारात्मक अपडेट!
‘सब कुछ सॉर्ट आउट, मार्च तक डील नहीं हुई तो आश्चर्य’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर CEA का सकारात्मक अपडेट!
भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय से अटका व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में है। मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंता नागेश्वरन ने बुधवार को ब्लूमबर्ग टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा, “अधिकांश मुद्दे सुलझ चुके हैं। मार्च तक डील नहीं हुई तो मैं आश्चर्यचकित रहूंगा।” यह बयान तब आया जब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की पहली किश्त पर दो दिवसीय वार्ता शुरू की।
नागेश्वरन ने इसे “भू-राजनीतिक और द्विपक्षीय व्यापार का मिश्रण” बताया। मूल रूप से शरद ऋतु में पूरा होने वाला टैरिफ-केंद्रित समझौता देरी से जूझ रहा था, लेकिन हालिया बातचीत में भारत ने “अब तक का सबसे अच्छा प्रस्ताव” दिया, जैसा कि USTR जेमिसन ग्रीर ने स्वीकार किया। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “वार्ता लगातार आगे बढ़ रही है, हम द्विपक्षीय समझौते की ओर बढ़ रहे हैं।” अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर भारत के निर्यात पर 50% टैरिफ (25% मूल + 25% दंड) लगाया है, जिससे टेक्सटाइल, ज्वेलरी और कृषि उत्पाद प्रभावित हुए। यह डील इन टैरिफों से राहत देगी।
FY24 में भारत-अमेरिका व्यापार $128 अरब (माल) और $212 अरब (सेवाएं) का था। CEA ने कहा कि व्यापार अनिश्चितता GDP अनुमानों पर असर डाल रही है, लेकिन घरेलू अर्थव्यवस्था “बहुत अच्छा प्रदर्शन” कर रही। रुपये की कमजोरी (प्रतिद्वंद्वियों से 5-15% नीचे) निर्यात के लिए फायदेमंद है। FY27 का आउटलुक मजबूत है, जिसमें निवेश गति और विनिर्माण गतिविधियां बढ़ रही हैं। नागेश्वरन ने कहा, “संरचनात्मक सुधारों से विकास क्षमता बेहतर हुई है, मध्यम मुद्रास्फीति के साथ उच्च वृद्धि संभव।”
क्या मार्च तक यह ‘एल्यूसिव’ डील साइन होगी? वार्ता के नतीजे अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे!
