उत्तराखंड

ऋषिकेश-नीलकंठ रोपवे को NBWL से मिली फॉरेस्ट क्लियरेंस: 5.5 किमी सफर, 30 मिनट में दर्शन!

ऋषिकेश-नीलकंठ रोपवे को NBWL से मिली फॉरेस्ट क्लियरेंस: 5.5 किमी सफर, 30 मिनट में दर्शन!

देहरादून: उत्तराखंड के सबसे महत्वाकांक्षी पर्यटन प्रोजेक्ट्स में शुमार ऋषिकेश-नीलकंठ महादेव रोपवे को नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ (NBWL) से फॉरेस्ट क्लियरेंस मिल गई है। राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन से होकर गुजरने वाले इस 5.5 किलोमीटर लंबे रोपवे प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद कार्यदायी संस्था उत्तराखंड मेट्रो रेल अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UKMRC) सक्रिय हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, औपचारिक पत्राचार 15-20 दिनों में पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

प्रोजेक्ट का बजट 465 करोड़ रुपये है, जो PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर DBFOT (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) आधार पर विकसित होगा। ISBT ऋषिकेश से शुरू होकर त्रिवेणी घाट, नीलकंठ महादेव मंदिर और अंत में पार्वती माता मंदिर तक फैला यह रोपवे वर्तमान 25 किमी सड़क सफर को मात्र 30 मिनट में पूरा करेगा। इससे सालाना 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, साथ ही ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम होगा। UKMRC के MD डॉ. आरके सिंह ने कहा, “यह इको-फ्रेंडली प्रोजेक्ट हिमालयी पर्यटन को बढ़ावा देगा। NBWL की मंजूरी के बाद हम टेंडर प्रक्रिया तेज करेंगे।”

हालांकि, जुलाई 2025 में NBWL ने कोर जोन में 4.54 हेक्टेयर वन भूमि डायवर्शन पर सवाल उठाते हुए प्रस्ताव टाल दिया था। NTCA की साइट विजिट के बाद राज्य सरकार ने पर्यावरणीय प्रभाव न्यूनतम होने का औचित्य दिया। अब क्लियरेंस मिलने से पर्यावरणविद् चिंतित हैं, लेकिन UKMRC ने वन्यजीव कॉरिडोर और सोलर पावर का वादा किया है। यह प्रोजेक्ट 30 साल के लिए निजी कंपनी को सौंपा जाएगा, जो 730 दिनों में निर्माण पूरा करेगी।

क्या यह रोपवे धार्मिक पर्यटन का नया द्वार बनेगा? निर्माण की प्रतीक्षा!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *