‘हवाई सुरक्षा सबसे ऊपर, कोई समझौता नहीं’: इंडिगो संकट पर उड्डयन मंत्री नायडू का सख्त ऐलान
‘हवाई सुरक्षा सबसे ऊपर, कोई समझौता नहीं’: इंडिगो संकट पर उड्डयन मंत्री नायडू का सख्त ऐलान
नई दिल्ली: देशभर में छाया इंडिगो एयरलाइंस का संकट अब धीरे-धीरे ठंडा पड़ रहा है, लेकिन यात्री परेशानी से निजात पा रहे हैं। लोकसभा में उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने संसद को संबोधित करते हुए कहा, “हवाई सुरक्षा अहम है, सरकार सख्त कदम उठाएगी। कोई एयरलाइन, चाहे कितनी बड़ी हो, यात्रियों को परेशान करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सिविल एविएशन में सुरक्षा पूरी तरह गैर-व्यवहार्य है – कोई समझौता नहीं होगा। मंत्री ने बताया कि 5 दिसंबर से 15 दिसंबर तक रद्द हुई उड़ानों के लिए यात्रियों को 750 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिफंड जारी हो चुका है, और ऑपरेशंस तेजी से सामान्य हो रहे हैं।
नायडू ने स्पष्ट किया कि संकट का कारण इंडिगो की आंतरिक क्रू रोस्टरिंग और प्लानिंग की खामियां हैं, न कि एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस सिस्टम (AMSS) में कोई खराबी। 1 दिसंबर को हुई मीटिंग में एयरलाइन को FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट) नियमों पर स्पष्टिकरण दिया गया था, लेकिन 3 दिसंबर को अचानक समस्या उभरी। DGCA ने इंडिगो के CEO और चीफ इंजीनियरिंग ऑफिसर को शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं, और गहन जांच चल रही है। मंत्री ने कहा, “परिणाम के आधार पर सख्त कार्रवाई होगी। प्लानिंग फेलियर या नियमों की अवहेलना पर कोई छूट नहीं।” विपक्ष के वॉकआउट के बीच नायडू ने बताया कि सरकार ने किराया कैप लगाकर यात्रियों का आर्थिक शोषण रोका, और रीबुकिंग बिना अतिरिक्त शुल्क के की गई।
इंडिगो ने 5 दिसंबर को मात्र 706 उड़ानें चलाई थीं, जो सोमवार को बढ़कर 1,800 हो गईं। एयरपोर्ट्स पर अब कोई भीड़भाड़ या तनाव नहीं है, और बैगेज हैंडलिंग का अंतिम चरण चल रहा है। नायडू ने लंबी अवधि के उपायों पर जोर दिया – नई एयरलाइंस को प्रोत्साहन, मजबूत और प्रतिस्पर्धी एविएशन इकोसिस्टम का निर्माण। उन्होंने कहा, “ऑपरेशंस तेजी से स्थिर हो रहे हैं, सुरक्षा पूरी तरह लागू है, इंडिगो को जवाबदेह ठहराया जा रहा है, और यात्रियों की सुविधा व गरिमा की रक्षा हो रही है।” सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक स्तर पर शीर्ष एविएशन हब बनाना है, जहां यात्री पहले हों।
यह बयान विपक्ष के आरोपों का भी जवाब था, जहां कांग्रेस ने दबाव में ढील देने का इल्जाम लगाया। नायडू ने खारिज करते हुए कहा कि FDTL पर कोई छूट नहीं दी गई – यह यात्री सुरक्षा के लिए ही लागू किया गया। DGCA ने चरणबद्ध तरीके से नियम लागू किए: जुलाई से फेज-1, 1 नवंबर से फेज-2। इंडिगो ने विंटर शेड्यूल के लिए तैयार होने की गारंटी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट एविएशन सेक्टर को और मजबूत बनाएगा, लेकिन यात्रियों को अभी सतर्क रहना होगा। क्या सरकार के कदम संकट को पूरी तरह खत्म करेंगे? समय ही बताएगा।
