Monday, April 27, 2026
उत्तराखंड

देहरादून में सड़क खुदाई पर पूरी तरह रोक: आम जनता की शिकायतों पर QRT रिपोर्ट से बड़ा एक्शन, 2 महीने तक नई अनुमति नहीं

देहरादून में सड़क खुदाई पर पूरी तरह रोक: आम जनता की शिकायतों पर QRT रिपोर्ट से बड़ा एक्शन, 2 महीने तक नई अनुमति नहीं

देहरादून, 7 दिसंबर 2025: देहरादून शहर में जगह-जगह हो रही अवैध सड़क खुदाई पर प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए पूरी तरह रोक लगा दी है। परियोजना समन्वय समिति (PCC) ने शनिवार (6 दिसंबर) को आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया कि अगले दो महीने तक किसी भी प्रकार की नई रोड कटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह फैसला क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें शहर के कई इलाकों में बिना मंजूरी के खुदाई की पुष्टि हुई। आम नागरिकों की लगातार शिकायतों – जैसे ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाओं का खतरा और धूल-गंदगी – का संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया गया है। दो महीने बाद समीक्षा के आधार पर आगे की अनुमति पर विचार होगा।

शहर में बीते कुछ दिनों से सड़क खुदाई को लेकर हड़कंप मचा हुआ था। QRT की जांच में पाया गया कि रिस्पना आराख, कारगी ग्रांट, मोथरावाला रोड, चुक्खूवाला, रिंग रोड, सिंघनीवाला बायपास सहित कई प्रमुख इलाकों में बिना PCC की मंजूरी के खुदाई हो रही थी। इनमें से कुछ परियोजनाएं जल निगम, बिजली विभाग और अन्य एजेंसियों से जुड़ी थीं, लेकिन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन खुदाइयों से रोजाना 500 से अधिक वाहन प्रभावित हो रहे थे, और दुर्घटनाओं में 20% इजाफा दर्ज किया गया।

परियोजना समन्वय समिति ने तत्काल प्रभाव से आदेश जारी कर सभी संबंधित विभागों – जैसे नगर निगम, जल संस्थान, PWD और बिजली विभाग – को निर्देश दिए हैं कि कोई भी नई खुदाई शुरू न करें। PCC चेयरमैन ने कहा, “शहर की सुंदरता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। अवैध खुदाई पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी।” समिति ने मौजूदा परियोजनाओं को पूरा करने के लिए वैकल्पिक रूट्स का सुझाव दिया है, जैसे अंडरग्राउंड केबलिंग या ऑफ-पीक आवर्स में काम। दो महीने बाद, यानी फरवरी 2026 में, PCC की अगली बैठक में स्थिति की समीक्षा कर नई अनुमतियां दी जाएंगी।

यह कदम देहरादून को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जहां सड़कें शहर की रीढ़ हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ट्रैफिक फ्लो सुधरेगा और पर्यटन को बूस्ट मिलेगा। हालांकि, विभागों ने विरोध जताया है कि इससे विकास कार्य रुक सकते हैं, लेकिन प्रशासन ने साफ कहा – नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं। स्थानीय विधायक ने इसे ‘जन-केंद्रित निर्णय’ बताया। क्या यह रोक लंबे समय तक चलेगी? निवासी अब राहत की सांस ले रहे हैं। कमेंट्स में अपनी शिकायत शेयर करें!

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