राजनीति

‘SIR में गड़बड़ी की तो मार पड़ेगी…’: त्रिपुरा कांग्रेस MLA की BLO को खुली धमकी, पारदर्शी मतदाता सूची का दावा

‘SIR में गड़बड़ी की तो मार पड़ेगी…’: त्रिपुरा कांग्रेस MLA की BLO को खुली धमकी, पारदर्शी मतदाता सूची का दावा

त्रिपुरा में चुनावी हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ी की गई, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से पीट दिया जाएगा। रॉय बर्मन ने नोआगांव में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए दावा किया कि सत्तारूढ़ बीजेपी SIR प्रक्रिया का दुरुपयोग राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली मतदाताओं के नाम हटाने या फर्जी नाम जोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रॉय बर्मन ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “त्रिपुरा छोटा राज्य है, यहां सब एक-दूसरे को जानते हैं। अगर कोई BLO सत्ताधारी दल के दबाव में असली वोटरों के नाम काटेगा या फर्जी नाम जोड़ेगा, तो उसे जनता सार्वजनिक रूप से पीटेगी। मार पड़ेगी, कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।” उन्होंने महाराष्ट्र, बिहार और हरियाणा में कथित वोटर लिस्ट धांधली का हवाला देते हुए कहा कि त्रिपुरा में ऐसी साजिशें नहीं चलने देंगे। कांग्रेस नेता ने मृतकों या विदेशी नागरिकों के नाम हटाने का समर्थन किया, लेकिन डुप्लिकेट, ट्रिप्लिकेट या भूतिया वोटरों को शामिल करने का विरोध किया। “चुनाव आयोग का कर्तव्य है त्रुटि-रहित मतदाता सूची तैयार करना। हम पारदर्शिता चाहते हैं,” उन्होंने जोर देकर कहा।

यह बयान SIR प्रक्रिया के बीच आया है, जो चुनाव आयोग द्वारा 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है। त्रिपुरा में यह अभियान 15 दिसंबर से शुरू हो चुका है, जिसमें 5 लाख से अधिक BLO घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी वोट चोरी के लिए SIR का इस्तेमाल कर रही है। पार्टी ने हाल ही में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ कैंपेन के तहत 2.13 लाख हस्ताक्षर इकट्ठे किए, जो दिल्ली भेजे गए। पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने भी SIR को स्थगित करने की मांग की है, दावा करते हुए कि यह आदिवासी वोटरों को नुकसान पहुंचा सकता है।

बीजेपी ने कांग्रेस के बयान की कड़ी निंदा की है। राज्य BJP अध्यक्ष राजीब भट्टाचार्य ने कहा, “यह हिंसा भड़काने वाली भाषा है। रॉय बर्मन जैसे नेता लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं। हम चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे।” विपक्ष का आरोप है कि SIR से पहले बीजेपी कार्यकर्ता BLO को दबाव बना रहे हैं। केंद्रीय चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR रूटीन प्रक्रिया है, जो फर्जी वोटरों को हटाने के लिए जरूरी है। त्रिपुरा में 28 लाख से अधिक मतदाता हैं, और SIR से 50 हजार नाम कटने की संभावना है।

यह विवाद त्रिपुरा की राजनीति को गरमा रहा है, जहां 2023 विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने भारी बहुमत हासिल किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि SIR पारदर्शिता लाएगा, लेकिन राजनीतिक दबाव से BLO पर खतरा बढ़ सकता है। कांग्रेस ने राज्य भर में जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। क्या यह चेतावनी लोकतंत्र की रक्षा करेगी या हिंसा को न्योता?

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