पुतिन का भारत दौरा: आज के प्रमुख बयान—ईंधन आपूर्ति, व्यापार और यूक्रेन पर खुलकर बोले रूसी राष्ट्रपति
पुतिन का भारत दौरा: आज के प्रमुख बयान—ईंधन आपूर्ति, व्यापार और यूक्रेन पर खुलकर बोले रूसी राष्ट्रपति
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने आज अपनी भारत यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई महत्वपूर्ण बयान दिए। राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर के बाद हैदराबाद हाउस में हुई बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को “बाहरी दबावों के बावजूद मजबूत” बताया। उन्होंने यूक्रेन संकट, ईंधन आपूर्ति, व्यापार विस्तार और परमाणु ऊर्जा जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की। पुतिन ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई गहराई देगी।
पुतिन के प्रमुख बयान:
ईंधन आपूर्ति पर: संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में पुतिन ने स्पष्ट कहा, “रूस भारत को ईंधन की ‘अनवरत आपूर्ति’ सुनिश्चित करने को तैयार है।” उन्होंने अमेरिकी दबाव का जिक्र करते हुए ट्रंप प्रशासन की आलोचना की और कहा, “अमेरिका को हमारा न्यूक्लियर फ्यूल खरीदने का अधिकार है, तो भारत को क्यों नहीं?” पुतिन ने कुदनकुलम परियोजना का उल्लेख किया, जहां रूस भारत का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र बना रहा है। उन्होंने जोड़ा कि 2025 के पहले नौ महीनों में ऊर्जा व्यापार में मामूली गिरावट के बावजूद यह “सुचारू रूप से चल रहा है।”
व्यापार विस्तार पर: इंडिया-रूस बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा, “मैं बहुआयामी आर्थिक संबंधों को गहरा करने पर विशेष ध्यान देता हूं।” उन्होंने बताया कि द्विपक्षीय व्यापार तीन वर्षों में 80% बढ़कर 64 अरब डॉलर हो गया है। पुतिन ने भारत के आईटी और फार्मास्यूटिकल उद्योगों की तारीफ की, कहा कि ये “वैश्विक पटल पर अग्रणी हैं।” उन्होंने 2030 तक 100 अरब डॉलर के लक्ष्य से पहले ही इसे पार करने का संकेत दिया।
भारत की स्वतंत्र नीति पर: पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की, “भारत ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वतंत्र विदेश और आर्थिक नीति अपनाई है।” उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास विशाल उपभोक्ता बाजार हैं और निवेश के अपार अवसर हैं।
यूक्रेन संकट पर: मोदी के साथ बैठक में पुतिन ने कहा, “मैं यूक्रेन में हो रही घटनाओं के बारे में विस्तार से बता सकता हूं। हम अमेरिका सहित कुछ साझेदारों के साथ शांतिपूर्ण समाधान पर काम कर रहे हैं।” उन्होंने डोनबास क्षेत्र से यूक्रेन की वापसी की शर्त पर जोर दिया, लेकिन विस्तृत टिप्पणी से बचा।
सामान्य संबंधों पर: पुतिन ने कहा, “भारत और रूस के संबंध सैन्य, अंतरिक्ष विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में फैले हैं, और हम इन सभी में आगे बढ़ने की योजना बना रहे हैं।” उन्होंने 16 समझौतों पर हस्ताक्षर का जिक्र किया, जो व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा को कवर करते हैं। राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि के बाद पुतिन ने कहा, “यह यात्रा हमारी विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी।”
पुतिन की यह यात्रा 2022 के यूक्रेन आक्रमण के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है, जो अमेरिकी दबाव के बीच भारत की रूस नीति को रेखांकित करती है। शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ बैठक के बाद वे मॉस्को लौटेंगे। इन बयानों से साफ है कि दोनों देश आर्थिक और रक्षा सहयोग को प्राथमिकता देंगे।
