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IndiGo फ्लाइट संकट पर सरकार का सख्त रुख: हाई-लेवल जांच, DGCA से छूट, राहत 3 दिनों में—पैसेंजर्स को फुल रिफंड और होटल

IndiGo फ्लाइट संकट पर सरकार का सख्त रुख: हाई-लेवल जांच, DGCA से छूट, राहत 3 दिनों में—पैसेंजर्स को फुल रिफंड और होटल

IndiGo की लगातार चौथे दिन 500 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिलेशन से हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हो गई है। दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर जैसे हब एयरपोर्ट्स पर हजारों पैसेंजर्स फंस गए हैं। इस ‘ऑपरेशनल क्राइसिस’ के बीच सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने बड़ा बयान जारी किया—हाई-लेवल जांच का आदेश, DGCA से तत्काल छूट और पैसेंजर्स को राहत के सख्त निर्देश। मिनिस्टर राममोहन नायडू ने कहा, “IndiGo को नए FDTL नियमों के लिए तैयारी का पर्याप्त समय था, फिर भी प्लानिंग गैप्स से यह स्थिति बनी। हम जवाबदेही तय करेंगे।”

संकट की जड़: नवंबर से लागू फेज-2 फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम। इनके तहत पायलट्स को साप्ताहिक 48 घंटे आराम और रात में सिर्फ 2 लैंडिंग की सीमा है। IndiGo ने क्रू रिक्वायरमेंट का सही अनुमान न लगाया, जिससे कैंसिलेशन चेन रिएक्शन शुरू हो गया। एयरलाइन ने माना कि वास्तविक क्रू जरूरत अनुमान से ज्यादा थी। CEO पीटर एल्बर्स ने वीडियो में माफी मांगी, “यह हमारे लिए गंभीर संकट है। हम सिस्टम रीबूट कर रहे हैं।”

सरकार की राहत और एक्शन प्लान:

तत्काल छूट: DGCA ने IndiGo को A320 फ्लीट के लिए नाइट ड्यूटी और FDTL नियमों से अस्थायी छूट दी, जो 10 फरवरी 2026 तक वैलिड। इससे शनिवार (6 दिसंबर) से ऑपरेशंस में सुधार की उम्मीद। मिनिस्ट्री ने कहा, “48 घंटे में स्टेबलाइजेशन, 3 दिनों में फुल नॉर्मल सिटुएशन।”

हाई-लेवल जांच: 4 सदस्यीय कमिटी गठित, जो कारणों की जांच करेगी, गलती तय करेगी और भविष्य के लिए सिफारिशें देगी। मिनिस्टर ने IndiGo मैनेजमेंट को फटकार लगाई।

पैसेंजर्स के लिए राहत:

कैंसिल्ड टिकट्स पर फुल रिफंड ऑटोमैटिक (5-15 दिसंबर के लिए वेवर)।

फंसे पैसेंजर्स को होटल, मील, ग्राउंड ट्रांसपोर्ट और सीनियर सिटिजन्स को लाउंज एक्सेस।

डिले फ्लाइट्स पर रिफ्रेशमेंट्स और रीबुकिंग फ्री।

24×7 कंट्रोल रूम (011-24610843) मॉनिटरिंग कर रहा।

एयरलाइंस को निर्देश: रीयल-टाइम अपडेट्स SMS/ऐप से, क्राउड मैनेजमेंट और हेल्पडेस्क बढ़ाएं। उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई। नॉर्दर्न रेलवे ने भी स्पेशल ट्रेनें चलाईं।

IndiGo ने कहा, “आज (5 दिसंबर) सबसे ज्यादा कैंसिलेशन, लेकिन कल से प्रोग्रेसिव इम्प्रूवमेंट। 10-15 दिसंबर तक मिड-डिसेंबर नॉर्मलाइजेशन।” शेयर 6% गिरे। एयरलाइंस पायलट्स एसोसिएशन (ALPA) ने DGCA की ‘सेलेक्टिव छूट’ पर आपत्ति जताई। क्या यह संकट पीक डिसेंबर ट्रैवल को प्रभावित करेगा? सरकार की निगरानी से उम्मीदें बंधी हैं।

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