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मोदी-पुतिन समिट का तोहफा: रूस-भारत के 16 समझौतों से मजबूत हुई साझेदारी, मुफ्त ई-वीजा से बढ़ेगा पर्यटन

मोदी-पुतिन समिट का तोहफा: रूस-भारत के 16 समझौतों से मजबूत हुई साझेदारी, मुफ्त ई-वीजा से बढ़ेगा पर्यटन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों ने 16 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यह 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा था, जहां ऊर्जा, व्यापार और रक्षा के अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, उर्वरक और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहा। पीएम मोदी ने कहा, “ये समझौते हमारी विशेष रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।” पुतिन ने भी सहमति जताते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच यह साझेदारी मजबूत बनी हुई है।

ये समझौते 2030 तक के आर्थिक सहयोग कार्यक्रम ‘विजन 2030’ का हिस्सा हैं, जो व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखते हैं। खास तौर पर रूसी पर्यटकों के लिए मुफ्त 30-दिन का ई-टूरिस्ट वीजा और ग्रुप टूरिस्ट वीजा की घोषणा ने उत्साह बढ़ा दिया। इससे पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क मजबूत होगा। स्वास्थ्य और शिक्षा में सहयोग से चिकित्सा अनुसंधान और छात्र विनिमय बढ़ेगा, जबकि उर्वरक क्षेत्र में संयुक्त उद्यम से भारत की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।

16 समझौतों की पूरी सूची:

आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030: व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा, वार्षिक व्यापार लक्ष्य 100 अरब डॉलर।

मुफ्त ई-टूरिस्ट वीजा: रूसी नागरिकों के लिए 30-दिन का मुफ्त ई-वीजा, पर्यटन को बूस्ट।

ग्रुप टूरिस्ट वीजा: 30-दिन का मुफ्त ग्रुप वीजा, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए।

लेबर मोबिलिटी एग्रीमेंट: भारतीय श्रमिकों के लिए रूस में कामकाजी वीजा आसान, 70,000 नौकरियां संभावित।

स्वास्थ्य और चिकित्सा सहयोग: स्वास्थ्य सेवा, मेडिकल शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान में साझेदारी।

फूड सेफ्टी और क्वालिटी: खाद्य सुरक्षा मानकों पर सहयोग, निर्यात बढ़ाने के लिए।

उर्वरक संयुक्त उद्यम: JSC UralChem और भारतीय कंपनियों (RCF, NFL, IPL) के बीच रूस में प्लांट स्थापना।

समुद्री और पोर्ट सहयोग: भारत के पोर्ट मिनिस्ट्री और रूसी मैरीटाइम बोर्ड के बीच क्षमता निर्माण।

मारिटाइम लॉजिस्टिक्स MoU: शिपिंग और लॉजिस्टिक्स में सहयोग, व्यापार सुगमता के लिए।

कृषि सहयोग: कृषि उत्पादों के निर्यात और तकनीकी आदान-प्रदान पर फोकस।

फार्मास्यूटिकल्स निर्यात: दवाओं के निर्यात को बढ़ावा, स्वास्थ्य क्षेत्र में मजबूती।

ऑटोमोबाइल सेक्टर: भारतीय वाहनों के रूस निर्यात के लिए समझौता।

मरीन प्रोडक्ट्स: समुद्री उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा।

परमाणु ऊर्जा सहयोग: कудानकुलम में रूस द्वारा भारत का सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर प्लांट।

शिक्षा और अकादमिक आदान-प्रदान: छात्र विनिमय और संयुक्त शोध कार्यक्रम।

ईंधन आपूर्ति गारंटी: रूस से भारत को निरंतर ईंधन आपूर्ति, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित।

ये समझौते न केवल आर्थिक विकास को गति देंगे, बल्कि रक्षा और ऊर्जा जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को भी मजबूत करेंगे। पीएम मोदी ने कहा, “हम यूक्रेन संकट में शांति की अपील दोहराते हैं, लेकिन हमारी साझेदारी बरकरार रहेगी।” पुतिन की विदाई से पहले राष्ट्रपति भवन में भोज हुआ, जहां दोनों नेताओं ने गीता की रूसी प्रति का आदान-प्रदान किया। विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत बनाएंगे।

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