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दिलजीत दोसांझ का भावुक इंटरव्यू: ‘जिंदा रहते परेशान करते हैं, मरने के बाद कद्र होती है’—कलाकारों के दर्द पर छलका आंसुओं का सैलाब

दिलजीत दोसांझ का भावुक इंटरव्यू: ‘जिंदा रहते परेशान करते हैं, मरने के बाद कद्र होती है’—कलाकारों के दर्द पर छलका आंसुओं का सैलाब

पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ ने एक बार फिर अपनी सादगी और गहराई से सबको चौंका दिया। नेटफ्लिक्स के साथ जारी एक भावुक वीडियो में उन्होंने कलाकारों के जीवन के कड़वे सच पर खुलकर बात की, और कहते हुए रो पड़े कि ‘जिंदा रहते हुए परेशान करते हैं, मरने के बाद कद्र होती है।’ यह बयान उनकी आगामी फिल्म ‘चमकीला’ के संदर्भ में आया, जो अमर सिंह चमकीला की जिंदगी पर आधारित है—एक ऐसे गायक की कहानी, जिसे जिंदा रहते धमकियां मिलीं, लेकिन मरने के बाद अमर हो गया।

वीडियो में दिलजीत ने कहा, “जब तक कलाकार जिंदा होता है, उसे परेशान किया जाता है। उसे धमकी दी जाती है, क्योंकि समाज उसके काम को बर्दाश्त नहीं कर पाता। लेकिन मरने के बाद कहते हैं, ‘वाह, क्या गाना था!’ वो मोहब्बत तब मिलती है जब वो दुनिया छोड़ देता है।” उनकी आंखें नम हो गईं, और वे बोले, “मैं तो मान चुका हूं कि मैं इस दुनिया से जा चुका हूं। हर कलाकार के दिल में एक बड़ा दर्द छुपा है।” यह शब्द अमर सिंह चमकीला की याद दिलाते हैं, जिन्हें 1988 में उनकी ही फैन ने गोली मार दी। दिलजीत ने फिल्म के शूटिंग के दौरान का अनुभव साझा किया—जहां चमकीला के मर्डर वाली जगह पर सीन शूट करते हुए उन्हें लगा जैसे चमकीला खुद खड़े हैं। “ट्रेलर देखकर रोया, क्योंकि लगा वो मुझे देख रहा है,” उन्होंने बताया।

दिलजीत ने कलाकारों की जद्दोजहद पर तीन कारण गिनाए: पहला, जिंदा रहते वे कॉम्पिटिशन बने रहते हैं; दूसरा, मरने के बाद वे खतरा नहीं रहते; तीसरा, इंसानों की फितरत है मृतकों को सम्मान देना। उन्होंने दुनिया को फिल्म सेट से तुलना की—’हर कोई अपना रोल निभा रहा है, लेकिन जिंदा कलाकार को तंग करते हैं।’ यह वीडियो ‘चमकीला’ फिल्म के प्रमोशन का हिस्सा है, जो 2024 में रिलीज हुई थी और नेटफ्लिक्स पर हिट साबित हुई। फिल्म को कई अवॉर्ड नॉमिनेशन मिले, लेकिन जीत न मिलने पर भी दिलजीत ने इसे कलाकार की किस्मत बताया।

सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो गया। फैंस ने लिखा, “दिलजीत ने कलाकारों के दर्द को आवाज दी। जिंदा रहते सराहो, मरने के बाद क्या फायदा!” एक यूजर ने कहा, “चमकीला की तरह दिलजीत भी अमर हो जाएगा।” दिलजीत का यह बयान बॉलीवुड और पंजाबी इंडस्ट्री के कलाकारों के संघर्ष को उजागर करता है, जहां जिंदा रहते आलोचना मिलती है, लेकिन मरने के बाद स्टेच्यू बन जाते हैं। क्या यह वीडियो समाज को सोचने पर मजबूर करेगा? समय बताएगा।

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