फोन चुराना बंद कर देंगे चोर, आ गई ‘Kill Switch’ टेक्नोलॉजी; एक क्लिक से मोबाइल बन जाएगा ‘डब्बा’
फोन चुराना बंद कर देंगे चोर, आ गई ‘Kill Switch’ टेक्नोलॉजी; एक क्लिक से मोबाइल बन जाएगा ‘डब्बा’
नई दिल्ली: स्मार्टफोन चोरी होने की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए टेक जगत में एक क्रांतिकारी तकनीक तेजी से पैर पसार रही है, जिसे ‘किल स्विच’ (Kill Switch) नाम दिया गया है। इस तकनीक के आने के बाद अब चोरों के लिए फोन चुराना पूरी तरह से बेमानी हो जाएगा, क्योंकि सिर्फ एक क्लिक या कमांड के जरिए आपका चोरी हुआ मोबाइल फोन पूरी तरह से ‘लोहे का डब्बा’ बन जाएगा।
यह तकनीक न केवल आपके व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखती है, बल्कि फोन को दोबारा रीसेट या इस्तेमाल करने के अयोग्य भी बना देती है।
क्या है ‘Kill Switch’ टेक्नोलॉजी?
’किल स्विच’ स्मार्टफोन में इन-बिल्ट होने वाला एक ऐसा डिजिटल सुरक्षा तंत्र (Security Mechanism) है, जो फोन के मालिक को डिवाइस खो जाने या चोरी हो जाने पर उसे दूर बैठे (Remotely) पूरी तरह से ब्लॉक या निष्क्रिय करने की अनुमति देता है।
आसान शब्दों में कहें तो, यदि आपका फोन चोरी हो जाता है, तो आप इंटरनेट या किसी अन्य अधिकृत माध्यम से एक कमांड भेजकर अपने फोन के पूरे ऑपरेटिंग सिस्टम को लॉक कर सकते हैं।
यह तकनीक कैसे काम करती है?
चोरी की सामान्य घटनाओं में चोर सबसे पहले फोन का सिम कार्ड निकालते हैं और उसे ‘फैक्ट्री रीसेट’ (Factory Reset) कर देते हैं, जिससे फोन का पुराना डेटा डिलीट हो जाता है और वह नए फोन की तरह काम करने लगता है। लेकिन ‘किल स्विच’ तकनीक इस प्रक्रिया को ही ब्लॉक कर देती है:
रिमोट एक्टिवेशन: फोन चोरी होने पर यूजर कंपनी के क्लाउड पोर्टल (जैसे Apple की Find My या Google की Find My Device सर्विस) पर जाकर ‘Kill’ या ‘Erase’ का विकल्प चुनता है।
हार्डवेयर लेवल पर ब्लॉकिंग: यह कमांड फोन पर पहुंचते ही डिवाइस के मदरबोर्ड और सॉफ्टवेयर के बीच के संपर्क को पूरी तरह काट देती है।
रीसेट करना नामुमकिन: इसके बाद चोर चाहकर भी फोन को ‘फैक्ट्री रीसेट’ या नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल (Flashing) नहीं कर सकता।
पार्ट्स भी बेकार: आधुनिक किल स्विच तकनीक फोन के पार्ट्स (जैसे स्क्रीन, कैमरा, मदरबोर्ड) को भी यूनिक आईडी से लॉक कर देती है, जिससे चोर फोन को खोलकर उसके पार्ट्स भी बाजार में नहीं बेच पाते।
यदि फोन वापस मिल जाए तो क्या होगा?
इस तकनीक की सबसे अच्छी बात यह है कि यह ‘रिवर्सिबल’ (Reversible) है। यानी, यदि आपका खोया हुआ फोन पुलिस की मदद से या किसी अन्य तरीके से आपको वापस मिल जाता है, तो आप अपने तय किए गए सीक्रेट पासवर्ड, पिन या बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए उसे दोबारा चालू (Reactive) कर सकते हैं। फोन अनलॉक होते ही वह पहले की तरह सामान्य रूप से काम करने लगेगा।
स्मार्टफोन चोरों के नेटवर्क पर लगेगी लगाम
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि ‘किल स्विच’ के अनिवार्य होने से स्मार्टफोन चोरी के वैश्विक बाजार की कमर टूट जाएगी। जब चोरों को यह पता होगा कि चुराया गया फोन किसी भी काम का नहीं रहेगा और उसे बाजार में बेचा नहीं जा सकेगा, तो स्मार्टफोन चोरी की वारदातों में अपने आप भारी कमी आएगी। वर्तमान में ऐपल के आईफोन में ‘आईक्लाउड एक्टिवेशन लॉक’ इसी तकनीक पर काम करता है, और अब एंड्रॉइड (Google) भी इसे अपने आगामी अपडेट्स में और अधिक मजबूत व अनिवार्य बनाने जा रहा है।
