नकली दवा पर लगाम: QR कोड अनिवार्य, एक क्लिक में पता चलेगी असली या नकली
नई दिल्ली, 25 जून 2026: केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नकली दवाओं पर नकेल कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब वैक्सीन, एंटीबायोटिक्स, कैंसर रोधी दवाओं और NDPS Act के तहत आने वाली दवाओं पर QR कोड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे उपभोक्ता एक साधारण स्कैन से दवा की पूरी डिटेल्स जान सकेंगे और असली-नकली की पहचान आसानी से कर सकेंगे।
QR कोड से क्या-क्या जानकारी मिलेगी?
QR कोड स्कैन करने पर मिलने वाली मुख्य जानकारियां:
दवा का बैच नंबर (Batch Number)
एक्सपायरी डेट (Expiry Date)
निर्माण कंपनी का नाम और विवरण
यूनिक प्रोडक्ट आइडेंटिफिकेशन कोड
दवा की असलियत ( genuineness) की पुष्टि
यह सुविधा मरीजों को ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीदी गई दवाओं की विश्वसनीयता जांचने में मदद करेगी।
कौन-सी दवाओं पर लागू?
वैक्सीन (Vaccines)
एंटीबायोटिक्स और अन्य एंटीमाइक्रोबियल दवाएं
कैंसर उपचार वाली दवाएं (Anti-cancer drugs)
NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट के तहत आने वाली दवाएं
ये सभी दवाएं अब Schedule H2 में शामिल की जाएंगी।
सरकार का उद्देश्य
नकली और घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं की समस्या देश में काफी गंभीर है, खासकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के माध्यम से इस ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम को लागू किया है। इससे पहले कुछ दवाओं (लगभग 262 molecules) पर QR कोड अनिवार्य था, अब इसे और विस्तार दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
यह कदम मरीजों की सुरक्षा बढ़ाएगा और नकली दवाओं के कारोबार को रोकने में प्रभावी साबित होगा।
फार्मा कंपनियों को पैकेजिंग पर QR कोड प्रिंट या चिपकाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का यह फैसला मरीजों के लिए राहत भरा है, क्योंकि दवा खरीदते समय अब “सस्ती दवा” के चक्कर में जिंदगी को जोखिम में डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
