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विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं, मात्र यात्रा दस्तावेज

विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं, मात्र यात्रा दस्तावेज

नई दिल्ली, 25 जून 2026: विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का निर्णायक या अंतिम प्रमाण नहीं है। यह मुख्य रूप से एक यात्रा (ट्रैवल) और पहचान संबंधी दस्तावेज है। यह बयान पासपोर्ट सेवा दिवस (Passport Seva Divas) के अवसर पर जारी किया गया।ef6515

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का दस्तावेज नहीं। विदेश यात्रा के दौरान यह आपकी राष्ट्रीयता (nationality) की पुष्टि करता है, लेकिन कानूनी रूप से यह नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।”d3aeaf

मुख्य बातें:

पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को जारी किया जाता है, लेकिन यह अकेला नागरिकता निर्धारित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

नागरिकता का निर्धारण संबंधित कानूनों (जैसे Citizenship Act), जन्म प्रमाण पत्र, अन्य वैधानिक दस्तावेजों और प्रक्रियाओं के आधार पर होता है।

मंत्रालय ने जोर दिया कि यह कोई नया फैसला नहीं है। पासपोर्ट कभी भी नागरिकता का निर्णायक सबूत नहीं रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट के 2013 के फैसलों में भी यह साफ किया जा चुका है।d4395e

यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनावी रोल की विशेष समीक्षा (SIR) और नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा चल रही है। कई लोगों ने पूछा कि अगर पासपोर्ट, आधार, वोटर आईडी या पैन कार्ड नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं हैं, तो फिर क्या है? MEA ने साफ किया कि इनमें से कोई भी अकेला दस्तावेज निर्णायक नहीं माना जाता।

पासपोर्ट सेवा दिवस पर उपलब्धियां:

मंत्रालय ने इस मौके पर बताया कि हाल ही में 1.39 करोड़ से ज्यादा पासपोर्ट जारी किए गए हैं और पासपोर्ट केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 77 कर दी गई है। ई-पासपोर्ट जैसी नई सुविधाओं पर भी जोर दिया गया।

यह स्पष्टीकरण पासपोर्ट की वैधता या उपयोगिता पर सवाल नहीं उठाता, बल्कि कानूनी स्थिति को स्पष्ट करता है। पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण और वैध दस्तावेज बना रहेगा।

स्रोत: विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान और विभिन्न समाचार एजेंसियां।

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