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11 साल पुरानी MH370 उड़ान का रहस्य: नई खोज अभियान से उम्मीदें जगीं, क्या मिलेगा अंतिम सुराग?

11 साल पुरानी MH370 उड़ान का रहस्य: नई खोज अभियान से उम्मीदें जगीं, क्या मिलेगा अंतिम सुराग?

दुनिया के सबसे बड़े विमानन रहस्यों में शुमार मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान MH370 के लापता होने को 11 साल पूरे हो चुके हैं। 8 मार्च 2014 को कुआलालंपुर से बीजिंग जाते हुए बोइंग 777 विमान अचानक रडार से गायब हो गया था, जिसमें 239 लोग सवार थे—जिनमें ज्यादातर चीनी नागरिक थे। अब, मलेशियाई सरकार ने इस महीने के अंत से नई खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की है, जो परिवारों के लिए नई उम्मीद जगाता है। क्या यह अभियान आखिरकार उस ‘रहस्यमयी’ विमान का सुराग दे पाएगा, जिसकी तलाश में अब तक अरबों डॉलर खर्च हो चुके हैं?

मलेशिया के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी कंपनी ओशन इन्फिनिटी 30 दिसंबर से दक्षिणी हिंद महासागर में 15,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 55 दिनों का अंतराल पर खोज शुरू करेगी। यह अभियान ‘नो फाइंड, नो फी’ समझौते पर आधारित है, यानी अगर मलबा मिला तो कंपनी को 70 मिलियन डॉलर मिलेंगे। मंत्रालय के अनुसार, नई सैटेलाइट डेटा और डेब्री ड्रिफ्ट एनालिसिस से चुने गए इस क्षेत्र में विमान के मिलने की सबसे ज्यादा संभावना है।

MH370 का रहस्य आज भी अनसुलझा है। उड़ान टेकऑफ के 39 मिनट बाद यह वियतनामी एयरस्पेस से गायब हो गई। सैटेलाइट हैंडशेक डेटा से पता चला कि विमान दक्षिण की ओर मुड़ा और ‘सेवेंथ आर्क’ नामक एक वक्र रेखा पर अंतिम संपर्क हुआ। 2015 में रीयूनियन द्वीप पर मिला विमान का विंग फ्लैपरॉन पहला ठोस सुराग था, जिसकी पुष्टि मलेशिया ने की। उसके बाद अफ्रीकी तटों पर और मलबे मिले, लेकिन मुख्य मलबा नहीं। 2018 की 495 पेज रिपोर्ट में कहा गया कि कॉकपिट से जानबूझकर दिशा बदली गई, लेकिन जिम्मेदार कौन—पायलट, अपहरणकर्ता या तकनीकी खराबी—यह स्पष्ट नहीं।

पिछली खोजें नाकाम रहीं। 2014-17 में ऑस्ट्रेलिया, चीन और मलेशिया ने 120,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की तलाश की, लेकिन मौसम और गहराई ने रुकावट डाली। 2018 और 2025 की शुरुआत में ओशन इन्फिनिटी की कोशिशें भी बुरे मौसम से रुकीं। अब नई तकनीक—रॉबोटिक सबमर्सिबल्स और एडवांस्ड सोनार—से उम्मीदें हैं। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय ने समर्थन जताते हुए कहा कि यह परिवारों को ‘क्लोजर’ दे सकता है।

परिवार अब भी न्याय की मांग कर रहे हैं। चीनी यात्री जियांग ह्यूई जैसे परिजनों ने कहा, “11 साल की प्रतीक्षा के बाद, हमें सच्चाई चाहिए।” विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मलबा मिला, तो ब्लैक बॉक्स से ऑक्सीजन खत्म होने या क्रैश का राज खुल सकता है। लेकिन क्या यह अभियान सफल होगा, या फिर एक और धागा अधूरा छोड़ जाएगा? दुनिया बांछें धर रही है—शायद इस बार रहस्य का पर्दा उठे।

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