उत्तराखंड

चमोली स्कूल कांड के बाद उत्तराखंड में बड़ा एक्शन: शिक्षा मंत्री के आदेश पर पूरे प्रदेश में स्कूल सेफ्टी प्रोटोकॉल सख्त, CCTV-गार्ड अनिवार्य

चमोली स्कूल कांड के बाद उत्तराखंड में बड़ा एक्शन: शिक्षा मंत्री के आदेश पर पूरे प्रदेश में स्कूल सेफ्टी प्रोटोकॉल सख्त, CCTV-गार्ड अनिवार्य

देहरादून। चमोली जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्र-छात्राओं के साथ यौन शोषण और छेड़छाड़ की शर्मनाक घटना के बाद उत्तराखंड सरकार हरकत में आ गई है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार (3 दिसंबर 2025) को तत्काल प्रभाव से पूरे प्रदेश के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों (CEO) को निर्देश दिए हैं कि चमोली जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिला स्तर पर निगरानी समितियां गठित की जाएं और सुरक्षा प्रोटोकॉल को तुरंत लागू किया जाए।

मुख्य निर्देश:

हर स्कूल में कार्यशील CCTV कैमरे अनिवार्य, खासकर गेट, कॉरिडोर, लाइब्रेरी और खेल मैदान पर।

सभी स्कूलों में महिला गार्ड और महिला शिक्षिकाओं की संख्या बढ़ाई जाए।

हर महीने PTA (पेरेंट-टीचर एसोसिएशन) की बैठक में सुरक्षा ऑडिट जरूरी।

स्कूल बसों में महिला अटेंडेंट और GPS ट्रैकिंग अनिवार्य।

स्कूल परिसर में अजनबियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित, विजिटर रजिस्टर और ID चेकिंग अनिवार्य।

बच्चों के लिए “गुड टच-बैड टच” जागरूकता कार्यक्रम हर तिमाही में।

शिकायत बॉक्स और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर हर स्कूल में प्रदर्शित करना।

शिक्षा मंत्री ने कहा, “चमोली की घटना ने हमें झकझोर दिया है। अब एक भी बच्चे के साथ ऐसा नहीं होने देंगे। दोषी शिक्षक-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।” चमोली मामले में अभी तक प्रिंसिपल समेत 4 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, और जांच के लिए SIT गठित की गई है।

जिलों में तत्काल कार्रवाई:

देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर में 15 दिसंबर तक सभी स्कूलों का सेफ्टी ऑडिट पूरा करने का आदेश।

नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे पहाड़ी जिलों में दूरस्थ स्कूलों के लिए विशेष मोबाइल वैन तैनात।

निजी स्कूलों को भी 31 दिसंबर तक अनुपालन रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है, नहीं तो मान्यता रद्द करने की चेतावनी।

माता-पिता और सामाजिक संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है। चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट अनीता रावत ने कहा, “देर से ही सही, लेकिन सरकार ने सही दिशा में कदम उठाया है। अब सख्ती से लागू करना जरूरी है।” प्रदेश में करीब 24,000 सरकारी और 6,000 निजी स्कूल हैं, जिनमें 25 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं।

शिक्षा विभाग ने सभी CEO को 10 दिसंबर तक प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी है। चमोली कांड ने पूरे उत्तराखंड को हिला दिया था, अब सरकार इसे टर्निंग पॉइंट बनाने की कोशिश कर रही है। क्या यह कागजी आदेश से आगे बढ़ेगा? अभिभावक और समाज की निगरानी ही असली परीक्षा होगी।

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