राजनीति

संसद में SIR पर सियासी रार: ‘तत्काल चर्चा हो’, खड़गे की मांग पर रिजिजू का तेवर—’ये तरीका नहीं चलता’

संसद में SIR पर सियासी रार: ‘तत्काल चर्चा हो’, खड़गे की मांग पर रिजिजू का तेवर—’ये तरीका नहीं चलता’

संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन राज्यसभा में विपक्ष और सरकार के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर तत्काल चर्चा को लेकर जोरदार टकराव हो गया। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नियम 267 के तहत अन्य सभी कार्यों को स्थगित कर SIR पर तुरंत बहस शुरू करने की मांग की, इसे ‘अर्जेंट मैटर’ बताते हुए 12-13 लोगों की मौत का जिक्र किया। लेकिन संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ लहजे में कहा, ‘ये तरीका नहीं है’, और विपक्ष से समयसीमा थोपने से बचने की अपील की। हंगामे के बीच विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया, जबकि सरकार ने चर्चा की सहमति जताई लेकिन शर्तों पर अड़ी रही।

सत्र की शुरुआत में सभापति जगदीप धनखड़ (नोट: वास्तविकता में वेंकैया नायडू के बाद जगदीप, लेकिन 2025 में संभवतः नया) ने स्थगन प्रस्ताव के नोटिसों को खारिज कर दिया, जिस पर खड़गे ने सदन की परंपरा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘नोटिस देने वाले सदस्यों के नाम और विषय पढ़ना चाहिए, जैसा लोकसभा में होता है। यह अच्छा नहीं लगता। आज आपका पहला कार्यदिवस है, लेकिन हमारी मांग पर ध्यान दें।’ खड़गे ने जोर देकर कहा कि SIR से BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौतें हो रही हैं, और सरकार लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है। डीएमके सांसद त्रिची शिवा ने भी रिजिजू से सीधे सवाल किया, ‘कल रात 9 बजे तक टाइमलाइन बताने को कहा था, अब क्यों टाल रहे हैं?’

रिजिजू ने जवाब में कहा, ‘सरकार SIR, चुनाव सुधारों या किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन टाइमलाइन कंडीशन मत लगाइए। हम विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स से बातचीत कर रहे हैं। आपकी मांग रिजेक्ट नहीं की गई, विचाराधीन है।’ उन्होंने हंगामे पर नाराजगी जताते हुए कहा, ‘इस तरह दबाव डालकर चर्चा नहीं कराई जा सकती। कल या आज सर्वदलीय बैठक में सभी मुद्दों पर विचार होगा।’ रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी मुद्दे को कमतर नहीं आंक रही, लेकिन शर्तों के बिना सहमति बने। इससे नाराज विपक्ष ने जोरदार नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया।

लोकसभा में भी SIR पर हंगामा हुआ, जहां विपक्षी सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान नारेबाजी की। स्पीकर ओम बिरला ने सदन को 12 बजे तक स्थगित कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने लोकसभा में 9 दिसंबर को SIR पर बहस और 8 दिसंबर को ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा का प्रस्ताव रखा है, लेकिन विपक्ष ‘इंडिया’ ब्लॉक के तहत तत्कालता पर अड़ा है। प्रियंका गांधी ने बाहर कहा, ‘सरकार तानाशाही चला रही है, चर्चा से भाग रही है। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बहस जरूरी।’ वहीं, राहुल गांधी ने संसद परिसर में प्रोटेस्ट लीड किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि SIR—जो मतदाता सूची को साफ करने का कदम है—पर विवाद चुनावी सुधारों से जुड़ा है, जहां विपक्ष इसे ‘वोटर सप्रेशन’ बता रहा। BJP का कहना है कि यह पारदर्शिता बढ़ाएगा। सत्र 19 दिसंबर तक है, लेकिन दूसरे ही दिन गतिरोध से काम प्रभावित हो रहा। सर्वदलीय बैठक में बीच का रास्ता निकल सकता है, वरना हंगामा जारी रहेगा।

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