हवा में खतरा, जमीन से जवाब! आ गया इंद्रजाल रेंजर: भारत का पहला मोबाइल एंटी-ड्रोन किलर वाहन!
हवा में खतरा, जमीन से जवाब! आ गया इंद्रजाल रेंजर: भारत का पहला मोबाइल एंटी-ड्रोन किलर वाहन!
पाकिस्तान और चीन से लगातार ड्रोन घुसपैठ, ड्रग्स-स्मगलिंग और स्वार्म अटैक की धमकियों के बीच भारत ने देसी हथियार चलाया है! हैदराबाद की Grene Robotics ने विकसित इंद्रजाल रेंजर लॉन्च कर दिया – दुनिया का पहला पूरी तरह मोबाइल, AI-पावर्ड एंटी-ड्रोन पैट्रोल व्हीकल (ADPV), जो चलते-फिरते दुश्मन ड्रोनों को डिटेक्ट, ट्रैक और नेस्तनाबूद कर देगा। 26 नवंबर को अनवील हुआ यह सिस्टम Toyota Hilux 4×4 पर बेस्ड है, जो बॉर्डर, शहरों और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की हिफाजत करेगा।
खास फीचर्स:
डिटेक्शन रेंज: 10 किमी तक रडार, RF, EO/IR सेंसर्स से 360° कवरेज। AI ब्रेन SkyOS सेकंडों में थ्रेट क्लासिफाई करता है।
नीट्रलाइजेशन: 4 किमी तक – साइबर टेकओवर (ड्रोन हाईजैक), GNSS स्पूफिंग, RF जैमिंग, और ‘Zombee’ इंटरसेप्टर ड्रोन से हार्ड-किल। स्प्रिंग-लोडेड किल स्विच बिना नुकसान के खत्म करता है।
ऑन-द-मूव: पार्क होने की जरूरत नहीं, पैट्रोलिंग के दौरान ही अटैक। लो पावर ड्रॉ से लंबे ऑपरेशन।
कंपनी CEO किरण राजू ने कहा, “हर ड्रोन रोका = जिंदगियां बचाई। यह बॉर्डर पर ड्रग्स-हथियार स्मगलिंग और ISI ड्रोनों का अंत करेगा।” ऑपरेशन सिंदूर में इंद्रजाल इंफ्रा ने गुजरात नेवल बेस बचाया था। अब रेंजर फील्ड में तैनाती के लिए तैयार। Lt Gen देवेंद्र प्रताप पांडे (रिटायर्ड) ने इसे “बच्चों-किसानों की ढाल” बताया।
पहले चरण में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, गुजरात बॉर्डर पर तैनाती। 2026 तक थल-वायु-नौसेना में 200+ यूनिट्स। अमेरिकी सिस्टम से 60-70% सस्ता, एक्सपोर्ट भी होगा। X पर #IndrajaalRanger ट्रेंडिंग, यूजर्स बोले – “हवा में तिरंगा लहराएगा!”
विशेषज्ञ: यूक्रेन जैसे स्वार्म अटैक अब बेकार। आत्मनिर्भर भारत की मिसाइल – दुश्मन का सबसे सस्ता हथियार (ड्रोन) नेस्तनाबूद!
