रायसेन में बड़ा हादसा: 50 साल पुराना नयागांव पुल ढहा, 4-10 लोग घायल, कई वाहन दबे
रायसेन में बड़ा हादसा: 50 साल पुराना नयागांव पुल ढहा, 4-10 लोग घायल, कई वाहन दबे
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। स्टेट हाईवे-19 पर बरेली से स्टेशन पिपरिया को जोड़ने वाले नयागांव का लगभग 50 साल पुराना पुल अचानक भरभरा कर गिर गया। मरम्मत के दौरान यह घटना घटी, जिसमें पुल पर गुजर रही दो मोटरसाइकिलें नीचे जा गिरीं। हादसे में चार से दस लोग घायल बताए जा रहे हैं, जबकि कई मजदूरों ने जान बचाने के लिए भागकर बड़ी अनहड़ी टल गई। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू कर दिया है, लेकिन कई लोगों के फंसने की आशंका बनी हुई है।
पुलिस और लोकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसा सोमवार सुबह करीब 10 बजे हुआ, जब पुल के नीचे मरम्मत का काम चल रहा था। पुल के ढहते ही ऊपर से गुजर रही दो बाइकें – एक पर सीहोर जिले के जैत गांव के निवासी और दूसरी पर बरेली के धोखेड़ा के दो लोग सवार थे – गहरी खाई में जा गिरीं। चारों घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। इन्हें तुरंत बरेली सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ रिपोर्ट्स में आठ मजदूरों का जिक्र है, जिनमें से छह घायल हुए, जबकि अन्य में दस लोगों के घायल होने की बात कही गई है। पुल के मलबे में चार मोटरसाइकिलें दबी मिलीं, और आसपास के इलाके में धूल का गुबार छा गया। मजदूरों ने बताया कि पुल को नीचा होते देख वे भागे, वरना जानलेवा साबित हो सकता था।
कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। एसडीएम, तहसीलदार और एसपी की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया है, क्योंकि मलबे में और लोगों के फंसने की आशंका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत राहत और जांच के आदेश जारी किए। लोक निर्माण विभाग (PWD) पर लापरवाही का आरोप लग रहा है – पुल जर्जर हालत में था, फिर भी मरम्मत के दौरान ट्रैफिक बंद क्यों नहीं किया गया? ऑडिटर की रिपोर्ट की जांच शुरू हो गई है, जो बताएगी कि पुल की स्थिति पर पहले से चेतावनी क्यों नजरअंदाज की गई।
यह पुल 1980-90 के दशक का बताया जा रहा है, जो बरेली और पिपरिया को जोड़ता था। इसके गिरने से स्थानीय यातायात ठप हो गया है, और वैकल्पिक मार्गों पर दबाव बढ़ गया। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने पुलों की अनदेखी से ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं। विपक्षी दलों ने सरकार से तत्काल मुआवजा और नया पुल बनाने की मांग की है। फिलहाल, रेस्क्यू जारी है, और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है। क्या यह हादसा इंफ्रास्ट्रक्चर की लापरवाही को उजागर करेगा? जिला प्रशासन लगातार अपडेट दे रहा है।
