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बीएसएफ का 61वां स्थापना दिवस: ऑपरेशन सिंदूर के बाद घुसपैठ की कोशिशें घटीं, 100-120 आतंकी अभी भी तैयार

बीएसएफ का 61वां स्थापना दिवस: ऑपरेशन सिंदूर के बाद घुसपैठ की कोशिशें घटीं, 100-120 आतंकी अभी भी तैयार

बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) का आज 61वां स्थापना दिवस है। इस मौके पर कश्मीर फ्रंटियर के आईजी अशोक यादव ने कहा कि सीमा पार से 100-120 आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं, लेकिन बीएसएफ हर मोर्चे पर अलर्ट है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकियों ने केवल दो प्रयास किए, जिनमें 13 घुसपैठियों में से 8 को मार गिराया गया। यादव ने हुमहामा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह ऑपरेशन पाकिस्तानी चौकियों और लॉन्चिंग पैड्स को नेस्तनाबूद करने में सफल रहा, जिसकी सराहना पीएम, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री ने की।

बीएसएफ की स्थापना 1 दिसंबर 1965 को हुई थी, जब भारत-पाक युद्ध के दौरान सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत पड़ी। आजादी के बाद यह बल देश की सबसे बड़ी सीमा रक्षक इकाई बन चुका है, जो 192 किलोमीटर लंबी LoC से लेकर मैत्री सेतु तक पहरा देता है। इस वर्ष बीएसएफ ने कश्मीर में नार्को-टेररिज्म के खिलाफ भी सख्ती बरती, जहां ड्रग्स से आतंक की फंडिंग रोकने के लिए युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। आईजी यादव ने कहा, “ड्रोन गतिविधियां LoC पर नजर रखने के लिए जारी हैं, लेकिन कोई सीमा पार नहीं कर सका। हमारी नई ट्रेनिंग से एंटी-ड्रोन क्षमता मजबूत हो रही है।”

2025 में घुसपैठ रोधी अभियानों में कुल 4 प्रयास हुए – ऑपरेशन सिंदूर से पहले 2 और बाद में 2। इनमें 13 आतंकी शामिल थे, जिनमें से आर्मी और बीएसएफ ने 8 को ढेर कर दिया, जबकि 5 को वापस धकेल दिया। भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद हुए। यादव ने चेतावनी दी कि बर्फबारी से पहले आतंकी नए रूट्स आजमा रहे हैं, लेकिन इंटेलिजेंस ग्रिड मजबूत है। “ऑपरेशन सिंदूर जारी है। पाकिस्तान की कोई भी साजिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।” उन्होंने ‘व्हाइट-कॉलर’ टेरर ग्रुप्स – पढ़े-लिखे युवाओं से बने – पर नजर रखने का जिक्र किया, जो रेडिकलाइजेशन हॉटस्पॉट्स पर मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

बीएसएफ के 13 कंपनियां जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर हाइडरलैंड में तैनात हैं, जहां इंटेलिजेंस इनपुट्स पर तुरंत एक्शन लिया जाता है। आईजी ने कहा, “तमाम चुनौतियों के बावजूद बीएसएफ देश की सुरक्षा के लिए समर्पित है। यह दिवस हमारे शहीदों को श्रद्धांजलि है, जिनकी कुर्बानी से राष्ट्र सोता है।” इस मौके पर हुमहामा में समारोह हुआ, जहां जवानों और परिवारों को सम्मानित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर ने LoC पर पाकिस्तानी इरादों को तोड़ा है, लेकिन सतर्कता बरतनी जरूरी। क्या यह वर्ष बीएसएफ के लिए नया अध्याय साबित होगा? देशवासी बल को बधाई दे रहे हैं

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