वाशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड पर हमला: सीआईए के पूर्व सहयोगी अफगान नागरिक गिरफ्तार, एक जवान की मौत
वाशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड पर हमला: सीआईए के पूर्व सहयोगी अफगान नागरिक गिरफ्तार, एक जवान की मौत
वाशिंगटन डीसी। अमेरिकी राजधानी के हृदय स्थल व्हाइट हाउस से महज कुछ ब्लॉक दूर बुधवार दोपहर एक चौंकाने वाले हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। दो वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के जवानों पर अंधाधुंध गोलीबारी में 20 वर्षीय सारा बेकस्ट्रॉम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 वर्षीय एंड्र्यू वोल्फ की हालत गंभीर बनी हुई है। हमलावर, 29 वर्षीय अफगान नागरिक रहमानुल्लाह लकानवाल, को घटनास्थल पर ही गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया गया। वह वर्तमान में अस्पताल में भर्ती है और एफबीआई द्वारा इसे संभावित आतंकवादी हमला मानते हुए गहन जांच की जा रही है।
लकानवाल का नाम सुनते ही सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मच गई, क्योंकि वह अफगानिस्तान में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के साथ काम कर चुका था। सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने गुरुवार को पुष्टि की कि लकानवाल कंधार प्रांत में सीआईए समर्थित एक एलीट काउंटरटेररिज्म यूनिट ‘एनडीएस-03’ या ‘स्कॉर्पियन फोर्स’ का सदस्य था। यह यूनिट तालिबान के खिलाफ गुप्त अभियानों में सक्रिय थी और अमेरिकी सेना को काबुल हवाई अड्डे की सुरक्षा में सहायता प्रदान कर चुकी थी। 2021 में अमेरिकी वापसी के बाद लकानवाल को विशेष आप्रवासन वीजा (एसआईवी) कार्यक्रम के तहत अमेरिका लाया गया था। अफगानएवाक नामक एक गैर-सरकारी संगठन ने बताया कि उनकी यूनिट सीआईए के प्रत्यक्ष निर्देशन में काम करती थी।
जांचकर्ताओं के अनुसार, लकानवाल वाशिंगटन राज्य से हजारों मील की दूरी तय कर डीसी पहुंचा था। एफबीआई ने उसके वाशिंगटन स्थित घर पर छापा मारा, जहां से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। पूर्व सहयोगियों का कहना है कि लकानवाल मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था और एक दोस्त की मौत के बाद पैरानॉया का शिकार हो गया था, जो अमेरिकी डिपोर्टेशन का डर था। हालांकि, सीआईए ने स्पष्ट किया कि वह कभी आधिकारिक एजेंट नहीं था, बल्कि पार्टनर फोर्स का सदस्य था।
यह घटना अमेरिकी आप्रवासन नीतियों पर राजनीतिक तूफान ला रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडेन प्रशासन की अफगान निकासी नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए सभी अफगान शरणार्थियों के वीजा की समीक्षा का आदेश दिया है। ट्रंप ने कहा, “बाइडेन की आपदा भरी वापसी ने हमें यह खतरा दिया।” डीएचएस ने 19 देशों के ग्रीन कार्ड धारकों की जांच शुरू कर दी है। वाशिंगटन मेयर म्यूरियल बाउजर ने नेशनल गार्ड की तैनाती पर सवाल उठाते हुए कहा, “ये युवा अपने परिवारों के साथ सुरक्षित होने चाहिए।”
वकील जीनिन पिरो ने कहा कि लकानवाल पर हत्या और हमले के कई आरोप लगाए जाएंगे, जिसमें मौत की सजा की मांग हो सकती है। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने इसे “घिनौना आतंकवादी कृत्य” करार दिया। पूर्व अफगान कमांडो ने बीबीसी को बताया कि लकानवाल ने अमेरिकी सैनिकों के साथ 10 वर्ष सेवा की थी। इस घटना ने अफगान शरणार्थी कार्यक्रम की सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है, जहां 80,000 से अधिक अफगानों को लाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह जांच अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करेगी। फिलहाल, डीसी में अतिरिक्त 500 नेशनल गार्ड तैनात किए गए हैं।
