हरिद्वार में बनेगा उत्तराखंड का पहला सरकारी हेलीपैड टावर: 2027 अर्द्धकुंभ से पहले CCR बिल्डिंग का विस्तार, छत से सीधे हेलीकॉप्टर उड़ान
हरिद्वार में बनेगा उत्तराखंड का पहला सरकारी हेलीपैड टावर: 2027 अर्द्धकुंभ से पहले CCR बिल्डिंग का विस्तार, छत से सीधे हेलीकॉप्टर उड़ान
2027 के अर्द्धकुंभ मेले से पहले हरिद्वार में राज्य का पहला सरकारी हेलीपैड युक्त कंट्रोल रूम टावर तैयार हो जाएगा। मेला प्रशासन ने पुराने CCR टावर के बगल में रोड़ीबेलवाला मैदान पर चार मंजिला अत्याधुनिक नई बिल्डिंग बनाने का फैसला लिया है, जिसकी छत पर हेलीकॉप्टर न सिर्फ लैंड करेगा बल्कि सीधे उड़ान भी भर सकेगा। 30 करोड़ रुपये की इस परियोजना को हाई पावर कमेटी ने मंजूरी दे दी है। बुधवार को उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) की टीम ने हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वे कर डिजाइन और तकनीकी संभावनाओं का जायजा लिया।
नई CCR बिल्डिंग में मेला प्रबंधन की सभी तकनीकी, सुरक्षा और कम्युनिकेशन यूनिट्स शिफ्ट होंगी। अपर कुंभ मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती ने बताया, “हेलीपैड से मेलाक्षेत्र में जाम की समस्या से निजात मिलेगी। VVIP हेलीकॉप्टर सीधे CCR टावर पर उतर सकेंगे। आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत एयरलिफ्ट कर देहरादून या दिल्ली भेजा जा सकेगा।” उन्होंने कहा कि भवन का ढांचा हेलीकॉप्टर संचालन के अनुसार तैयार होगा, ताकि भविष्य में कोई तकनीकी बाधा न आए।
फिलहाल हरिद्वार में कोई सरकारी हेलीपैड नहीं है। VVIP हेलीकॉप्टर गुरुकुल कांगड़ी या भेल हेलीपैड पर उतरते हैं, जबकि भल्ला कॉलेज का पुराना हेलीपैड अब क्रिकेट स्टेडियम बन चुका है। 2027 अर्द्धकुंभ में करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, जिससे ट्रैफिक और मेडिकल इमरजेंसी की चुनौतियां बढ़ेंगी। नया हेलीपैड इन समस्याओं का त्वरित समाधान देगा।
यूकाडा की टीम ने बुधवार को दिन भर आसमान में हेलीकॉप्टर उड़ाकर हवाई मार्ग, विंड डायरेक्शन और लैंडिंग जोन की जांच की। डीएम विनीत तोमर ने कहा, “यह परियोजना कुंभ मेला प्रबंधन को हाईटेक बनाएगी। मेडिकल एम्बुलेंस और रेस्क्यू ऑपरेशन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।” निर्माण कार्य 2026 की शुरुआत में शुरू होकर 2027 कुंभ से पहले पूरा हो जाएगा।
हरिद्वार अब आसमान से भी तैयार हो रहा है – 2027 का अर्द्धकुंभ अब तक का सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक मेला होने की ओर बढ़ चुका है।
