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ऐपल की ऐतिहासिक उड़ान: 14 साल बाद सैमसंग को पछाड़कर बनेगी दुनिया की नंबर-1 स्मार्टफोन कंपनी

ऐपल की ऐतिहासिक उड़ान: 14 साल बाद सैमसंग को पछाड़कर बनेगी दुनिया की नंबर-1 स्मार्टफोन कंपनी

स्मार्टफोन बाजार में बड़ा उलटफेर होने वाला है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ऐपल 2025 में सैमसंग को पीछे छोड़कर वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी बनने की कगार पर है। यह उपलब्धि 2011 के बाद पहली बार हासिल होगी, जब ऐपल ने आखिरी बार यह ताज पहना था। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि ऐपल का बाजार हिस्सा 19.4% तक पहुंच जाएगा, जबकि सैमसंग का 18.7% रह जाएगा।

इस सफलता के पीछे iPhone 17 सीरीज की जबरदस्त लोकप्रियता मुख्य कारण है। लॉन्च के बाद से iPhone 17 की बिक्री ने बाजार को हिला दिया है, खासकर AI-इंटीग्रेटेड फीचर्स और स्लिम डिजाइन के कारण। काउंटरपॉइंट के एनालिस्ट यांग वांग ने कहा, “iPhone 17 सीरीज को बाजार में शानदार स्वागत मिला है। इसके अलावा, कोविड-19 महामारी के दौरान खरीदे गए स्मार्टफोन्स का अपग्रेड साइकिल अब चरम पर है।” रिपोर्ट के अनुसार, 2023 से दूसरी तिमाही 2025 तक 358 मिलियन सेकेंड-हैंड iPhone बिक चुके हैं, जो अब नए मॉडल्स की ओर अपग्रेड का बड़ा बाजार बना रहे हैं।

ऐपल की शिपमेंट 2025 में 10% बढ़ने का अनुमान है, जबकि सैमसंग की सिर्फ 4.6%। वैश्विक स्मार्टफोन बाजार कुल 3.3% बढ़ेगा। अमेरिका-चीन व्यापार तनाव में कमी, डॉलर की कमजोरी और उभरते बाजारों में बढ़ती मांग ने ऐपल को फायदा पहुंचाया है। iPhone SE (2025) जैसे किफायती मॉडल्स ने विकासशील देशों में प्रवेश आसान किया है।

दूसरी ओर, सैमसंग को चुनौतियां झेलनी पड़ रही हैं। चीनी कंपनियों का मिड-रेंज सेगमेंट में दबदबा बढ़ा है, जबकि सैमसंग की गैलेक्सी A-सीरीज के अपग्रेड्स पर्याप्त नहीं साबित हो रहे। हालांकि, सैमसंग की शिपमेंट भी 5% बढ़ सकती है, लेकिन यह ऐपल की रफ्तार से पीछे रहेगी।

यह बदलाव ऐपल के लिए सिर्फ आंकड़ों की जीत नहीं, बल्कि रणनीतिक विजय है। कंपनी 2026 में फोल्डेबल iPhone लॉन्च करने की तैयारी में है, जो इस नेतृत्व को लंबे समय तक बरकरार रख सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि काउंटरपॉइंट के अनुमान के अनुसार, ऐपल 2029 तक नंबर-1 की कुर्सी पर बनी रहेगी। स्मार्टफोन इंडस्ट्री में यह ‘सुपरसाइकिल’ ऐपल की नवाचार क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है, लेकिन सैमसंग जैसी दिग्गजों के लिए यह एक सबक है कि स्थिरता में बदलाव जरूरी है।

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